शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि किसी भी सरकार के संचालन के लिए सुशासन अनिवार्य है। ई-गवर्नेंस की वास्तविक सफलता तकनीकी जटिलता में नहीं, बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन को सरल बनाने की क्षमता में निहित है।
मुख्यमंत्री ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला में प्रशासनिक सुधार एवं ई-गवर्नेंस विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में देशभर से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, नीति निर्माताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि हमें पारंपरिक नौकरशाही व्यवस्था से आगे बढ़कर पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली की ओर बढ़ना होगा।

सुक्खू ने कहा कि स्पष्ट नीतिगत दृष्टिकोण के तहत राज्य सरकार ने कई ऐसे व्यवस्था परिवर्तन संबंधी निर्णय लिए हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई है। शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए, सरकार ने प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश 21वें स्थान पर था।
