वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम में कंपनियों ने खरीद प्रक्रिया और पंजीकरण की जानकारी दी
ऊना,सुशील पंडित: बड़े उद्योगों के साथ कारोबार के अवसर तलाश रहे ऊना के उद्यमियों को शुक्रवार को वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम में सीधे कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद करने का अवसर मिला। गुलमोहर ग्रैंड होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों तथा स्वयं सहायता समूहों के 140 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल सरकार के उद्योग विभाग और हिमाचल प्रदेश सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एचपीसीईडी) के सहयोग से रैम्प योजना के तहत किया गया।
वंडर वर्क्स, टिंज कंसल्टेंसी एंड स्किल लैब्स की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उद्योग विभाग, ऊना के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमों को बड़े उद्योगों, संभावित खरीदारों और वित्तीय संस्थानों से जोड़ना तथा उनके लिए कारोबार और आपूर्ति के नए अवसर उपलब्ध करवाना था।
कार्यक्रम में सिडबी, नेस्ले इंडिया लिमिटेड, स्विस गार्नियर लाइफ साइंस, स्टैनफोर्ड लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड, मानिका प्लास्टेक लिमिटेड, क्रेमिका फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड, लिवगार्ड, स्पेन फॉर्मुलेशंस प्राइवेट लिमिटेड और ल्यूमिनस के प्रतिनिधियों ने प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने कंपनियों की खरीद संबंधी जरूरतों, आवश्यक उत्पादों एवं सेवाओं, विक्रेता बनने की पात्रता और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में जानकारी साझा की। उद्यमियों को उपलब्ध वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारी भी दी गई।
इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग की संयुक्त निदेशक दीपिका खत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के सदस्यों को संबोधित किया। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से खरीद प्रक्रिया और विक्रेता पंजीकरण से जुड़े सवाल पूछे। साथ ही, कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप उत्पादों एवं सेवाओं की आपूर्ति करने और उनके साथ कारोबार शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
