जैसलमेरः बाड़मेर से चचेरे भाई की शादी से लौट रहे एक परिवार की कार अंधेरे में सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आधी कार ट्रॉली में घुस गई। करीब आधे घंटे तक परिवार कार में फंसा रहा। लोगों ने लहूलुहान हालत में उन्हें कार से निकाला और अस्पताल पहुंचाया। हादसे में एएनएम की मौके पर ही मौत हो गई। कार चला रहे पति गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 7 साल की बेटी सुरक्षित बच गई।
जानकारी मुताबिक, मोहनगढ़ (जैसलमेर) निवासी एएनएम हरिया चौधरी (42) सांखला स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थी। अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने बाड़मेर के बाटाडू गांव गई थीं। शनिवार रात समारोह के बाद वह पति गैनाराम (45) और सात साल की बेटी के साथ कार से सांखला गांव लौट रही थीं। मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में देवा-हड्डा चौराहे के पास सड़क किनारे बिना इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अंधेरे में खड़ी थी। इस दौरान गैनाराम को ट्रॉली का अंदाजा नहीं लगा और कार सीधे उसमें जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त कार में महिला और उसका पति करीब आधे घंटे तक फंसे रहे। लोगों ने कड़ी मशक्कत से करीब 20 मिनट में लहुलूहान दोनों को बाहर निकला। बेटी पिछली सीट पर बैठी थी, जो सुरक्षित बच गई।
मोहनगढ़ थाना पुलिस ने 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को जैसलमेर के राजकीय जवाहिर हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसे की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डा. आर.के. पालीवाल और बीसीएमओ डॉ. नारायणराम तुरंत अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया है।
