लुधियानाः जिले में क्राइम की वारदातों के खिलाफ नकेल कसने के लिए अब तीसरी आंख से पैनी नजर रखी जाएगी। ऐसे में आज पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में सिविल लाइन्स स्थित पुलिस लाइन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान इंटीग्रेटिड कमान एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) को जनता को समर्पित किया। डीजीपी ने कहा कि 5 यूनिट में से ट्रैफिक, इमरजेंसी रिस्पांस, सेफ सिटी, वायरलेस और पीसीआर कंट्रोल रूम को इंटीग्रेड किया गया। इस दौरान 1700 कैमरे 259 जगह पर इंस्टॉल किए गए। जिसमें कुछ सेफ सिटी कैमरे शामिल है। मोहाली और जालंधर के बाद लुधियाना पंजाब का तीसरा शहर बन गया है। डीजीपी ने कहा कि इंटेलिजेंट मैनेजमेंट ट्रैफिक सिस्टम को 46 लोकेशन पर यूटेलाइज किया जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है।
इसमें वायलेशन को ढूंढा जाता है और एएआई का इस्तेमाल होता है। ऐसे में पंजाब पुलिस द्वारा रिवार्ड सेरेमनी रखी गई है, जिसमें जो पुलिस अधिकारी अच्छा काम करेंगा तो उसे सम्मानित किया जाएगा। डीजीपी ने कहाकि टेक्नालिजी का लगातार पुलिस द्वारा इस्तेमाल करते हुए खुद को अपग्रेड किया जा रहा है। 2019 में पंजाब पुलिस देश की पहली फोर्स थी। इस दौरान पायस सॉफ्टवेयर का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि उसमें आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया था। उसमें करीब 4 लाख क्रमिनिल का डेटा मौजूद है। पायस सॉफ्टवेयर का दूसरा वर्जन इस साल लांच किया था। जिसमें 84 हजार क्रमिनिल के वायस सेंपल अपलोड किए जा चुके है। पंजाब पुलिस को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।
पंजाब पुलिस को अपग्रेड करने के लिए 4 सालों में 1100 करोड़ रुपए अपग्रेड करने के लिए खर्च किए जा चुके है। 200 करोड़ से अधिक कम्प्यूटर पर खर्च किए गए है। 110 करोड़ रुपए मोडोनाइजेश पर खर्च किए गए, 32 करोड़ की लागत से साइबर विंग को अपग्रेड किया गया है। ऐसे में हर जिले में साइबर पुलिस स्टेशन नोटिफाई किया गया है। साइबर फ्राड ले एंड मनी केसों में 19.5 की रिकवरी पाई गई है, जो कि देश में पंजाब चौथे नंबर पर आ गया है। ऐसे में पंजाब पुलिस की कोशिश है कि इसे ओर अपग्रेड किया जाए। बॉर्डर पर नशे और हथियारों पर नकेल कसने के लिए 2300 कैमरे लगाए गए। एंट्री ड्रोन सिस्टम इंस्टॉल किए गए।
