चंडीगढ़: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हरियाणा राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि विगत 60 वर्षों में हरियाणा के लोगों ने अपनी लगन और मेहनत से कृषि, खेल-कूद और उद्योग सहित अनेक क्षेत्रों में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी कामना है कि हरियाणा निरंतर प्रगति करे और विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे।
राष्ट्रपति रविवार को कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आयोजित 114वें स्थापना वर्ष समारोह एवं स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान की शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित ‘बलिदान शताब्दी समारोह’ में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी ने गुरुकुल शिक्षा पद्धति को पुनर्जीवित और सुदृढ़ करने के लिए अथक प्रयास किए। उन्होंने गांव-गांव जाकर धनराशि एकत्रित की और गुरुकुल की स्थापना की, ताकि भारतीय शिक्षा और संस्कृति की धारा को नया जीवन मिल सके। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि पिछले 114 वर्षों से गुरुकुल कुरुक्षेत्र स्वामी जी के मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप विद्यार्थियों में ज्ञान और संस्कारों की अविरल धारा प्रवाहित कर रहा है।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देशवासियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, तकनीक, नवाचार और उद्यमशीलता को अपनाना होगा। उन्होंने कामना की कि स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा शिक्षित, आत्मनिर्भर, समरस और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दें तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनें।
