चण्डीगढ: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला की धरती इतनी पवित्र धरती है कि आजादी की पहली लड़ाई 10 मई 1857 को मेरठ से भी 9 घंटे पहले अम्बाला में 5वीं और 60वीं नेटिव इंफेंट्री के सैनिकों ने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी लेने के लिए बिगुल बजा दिया। उन्होंने कहा आजादी की पहली लड़ाई देश में सबसे पहले अम्बाला से प्रारंभ हुई और इसका सभी को गर्व होना चाहिए।
विज आज बीपीएस प्लेनेटोरियम, अंबाला छावनी में आगामी 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 1857 में आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीद स्मारक के उद्घाटन समारोह की तैयारियों को लेकर बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं को शहीद स्मारक पर बने पांच मिनट की लघु फिल्म भी स्क्रीन पर दिखाई गई।
उन्होंने कहा 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शहीद स्मारक के उद्घाटन के लिए शायद हैलीकॉप्टर से स्मारक में आ सकते हैं क्योंकि यहां हैलीपैड का भी निर्माण किया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह 5 नवंबर को अधिक से अधिक संख्या में गांधी ग्राउंड में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल हों।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि 1857 में 26 मार्च से भारतीय ने अंग्रेजों की कोठियों को आग लगाना शुरू कर दिया था। उसका पूरा रिकार्ड मौजूद है कि किस दिन किसी कोठी पर आग लगाई गई। उन्होंने कहा 10 मई को रविवार था और सैनिकों ने चर्च में एकत्रित हुए अंग्रेज अफसरों को घेरकर लड़ाई शुरू करने की योजना बनाई थी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि 1857 की लड़ाई के बाद अंग्रेजों की 74 कंपनियों में से अधिकतर कंपनियों को डिस्बैंड कर दिया था क्योंकि इन कंपनी के सैनिकों ने लड़ाई में हिस्सा लिया था। अम्बाला की भी तीन कंपनियां थी जिनमें 60वीं व 5वीं नेटिव इंफेंट्री और 4 केवलरी जिनको डिस्बैंड किया गया।
