टेक्नोलॉजी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया इन दिनों काफी तेजी से आगे बढ़ रही है परंतु इसके गलत इस्तेमाल और खतरों को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है। यह सिर्फ पढ़ाई के लिए ही नहीं बल्कि एक दोस्त की तरह बात करने में भी कंपैनियन चैटबॉट्स का इस्तेमाल हो रहा है परंतु यह टैक्नोलॉजी अब कम उम्र के बच्चों और टीनएजर्स के लिए खतरा बन रही है।
ऐसे में इस खतरे को देखते हुए अमेरिका के न्यूयॉर्क में बच्चों की डिजिटल सेफ्टी के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया जा रहा है। न्यूयॉर्क की गर्वनर ने एक नए कानून पर साइन भी किए हैं। इस कानून के अंतर्गत 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए असुरक्षित एआई चैटबॉट फीचर्स पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। यह नियम 1 जनवरी से लागू हो जाएगा। इसके बाद अब टेक कंपनियां और एआई डेवलपर्स अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे।
बच्चों के दिमाग पर असर डाल रहे एआई चैटबॉट्स
इंटरनेट पर ऐसे कई एआई ऐप्स और चैटबॉट्स मौजूद हैं। इन्हें डिजिटल दोस्त या वर्चुअल पार्टनर की तरह बनाया गया है। टेक्नोलॉजी की भाषा में इसको कंपैनियन चैटबॉट कहते हैं परंतु जब यह चैट्बॉट्स खुद को एक मशीन की जगह असली इंसान की तरह पेश करने लगते है तब दिक्कत आती है। न्यूयॉर्क के नए कानून में ऐसे करीबन एक दर्जन अनसेफ एआई फीचर्स की लिस्ट बनाई गई है। इसका इस्तेमाल बच्चों के साथ बातचीत में बिल्कुल नहीं होगा।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
अभी तक टेक कंपनियां बिना किसी डर के अनियंत्रित एआई मॉडल्स को मार्केट में उतार रही थी क्योंकि इसको रोकने के लिए कोई बड़ा नियम नहीं था परंतु न्यूयॉर्क सरकार ने अपने कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों का इस्तेमाल करके डेवलपर्स की जिम्मेदार तय कर दी है।
नए कानून में यह बोला गया है कि य़दि कोई कंपनी या एआई डेवलपर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के मामले में इन सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। दोषी पाए जाने पर कंपनी को भारी भरकम जुर्माना तो लगेगा इसके साथ ही चैटबॉट को हमेशा के लिए बंद भी किया जा सकता है।
डिलीट करना पड़ेगा डेटा
इसके अलावा सजा के तौर पर डेवलपर्स को अपने एल्गोरिदम और बच्चों से जुड़े हुए पूरे डेटा को डिलीट करने का आदेश भी दिया जा सकता है। इस फैसले से अभी तक टेक कंपनियों को अपने एआई सिस्टम में ऐज वेरिफिकेशन चेक करने के साथ बच्चों के लिए सर्च सेफ्टी फिल्टर लगाने पड़ेंगे। इससे बच्चों की सेफ्टी और भी मजबूत बनाएंगे।
