हिमाचल में 51 हजार हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य, 17 दिसंबर को मुख्य सचिव के माध्यम से सौंपेंगे ज्ञापन
बद्दी। गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने, देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौसेवा के लिए अलग केंद्रीय मंत्रालय गठित करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान के समर्थन में संत समाज ने हिमाचल प्रदेश में जनसंपर्क तेज करने की अपील की है। उपमंडल बद्दी की ग्राम पंचायत थाना स्थित गौशाला में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मलूक पीठ वृंदावन के पूज्य गोपेश कृष्ण दास जी महाराज, हरिद्वार के आचार्य महेंद्र जी, ऊना के माधवानंद जी महाराज और मंडी के आचार्य विश्व सेन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अभियान के तहत 51 हजार हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
17 दिसंबर को प्रदेश में अभियान से जुड़े संतों और गौभक्तों की भागीदारी से कार्यक्रम आयोजित कर मुख्य सचिव के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपने की योजना है। संतों ने बताया कि कार्यक्रम के तहत दोपहर 12 से 1:15 बजे तक विजय मंत्र का उद्घोष किया जाएगा, जबकि दोपहर दो बजे ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अभियान से जुड़कर हस्ताक्षर करें और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग दें। देश के विभिन्न राज्यों और तहसील स्तर पर जनसंपर्क कर लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। अभियान से जुड़ने के लिए लोग 9067777323 पर मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं। संतों ने व्हाट्सऐप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता अथवा राष्ट्र आराध्या का राष्ट्रीय सम्मान दिया जाना चाहिए और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए देशभर में केंद्रीय कानून लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने खेती में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। साथ ही, स्कूली बच्चों को मध्याह्न भोजन में परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। इस मौके पर ग्राम पंचायत थाना के प्रधान रामचंद्र, थाना गौशाला के प्रधान गीता राम, धर्मपाल, हेमराज चौधरी, अनिल कुमार, लेखराम, चिंतन गोस्वामी और कमल चौधरी सहित अन्य गौसेवक उपस्थित रहे। संतों ने लोगों से गौवंश की रक्षा और सम्मान के लिए अभियान का हिस्सा बनने तथा इसे जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
