ऊना। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऊना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के चार वर्ष के कार्यकाल को व्यवस्था पतन का चरम बताया। उन्होंने अपने हालिया प्रदेश भ्रमण के आधार पर अपार जनसमर्थन मिलने की बात कही और जनता द्वारा कांग्रेस को सत्ता से बाहर का निर्णय लेने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व की कार्यशैली को कोसते हुए ही कांग्रेस के चार वर्ष गुजरे हैं और सुक्खू सरकार अपने चार कार्य तक नहीं गिनवा सकती। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम वर्ष में की गई घोषणाओं पर लोग विश्वास नहीं करते है और इस वोट नीति को लोग समझते हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वाधिक नुक्सान ड्रग्स और चिट्टे से हुआ है जिससे नौजवान पीढ़ी बर्बाद हो गई है और सरकार वॉकथन रैली करवा खुश हो रही है। उन्होंने कहा कि धारा 118 पर हमने लगाम लगाई लेकिन अब एक योजना के तहत कांग्रेस सरकार इसमें ढील दे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और बड़े बड़े लोग इसमें शामिल हैं जो अधिकारियों को फोन कर दवाब बनाते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर में भी कंपनी विशेष को फायदा देने के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को परिणाम पहले ही पता थे, इसीलिए मुख्यमंत्री इन्हें रोकना चाहते थे और परिणाम ने बताया कि दवाब के बावजूद 11 जिलों में भाजपा के जिला परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष बने । उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव पार्टी निशान पर हुए और चार में से तीन भाजपा के मेयर बने ।
उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हालिया प्रधानमंत्री मोदी के पिता पर की गई अमर्यादित टिप्पणी का हवाला देते हुए उन्हें राहुल के बाद दूसरा पागल बताया जोकि 85 वर्ष की आयु में भी पीएम के पिता पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं। न्होंने पेंशनर और दृष्टि बाधित लोगों की मांगों पर कहा कि कर्मचारी हितैषी कहने से वास्तव में कर्मचारी हितैषी नहीं होते। आज हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मियों और दृष्टि बाधितों से उनके वेतन पेंशन तथा माँगो के कारण दुर्व्यवहार किया जा रहा है। हरोली कॉलेज जैसी संस्थाओं के पारिवारिक नामकरण के विषय पर उन्होंने कहा कि किसी की भावनाएं हो सकती है लेकिन पारिवारिक नामकरण से परहेज किया जाना चाहिए।
