मानसाः जिले में परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार इंसाफ के लिए धरने पर बैठा है। वहीं इस मामले में अब परविंदर झोटा और गुलजार के परिवार को केंद्रिय सुरक्षा मिल गई है। परविंदर झोटा का पोस्टमार्टम और संस्कार 18 दिनों से नहीं हो सका। दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार भी चौथे दिन नहीं किया गया। परिवार ने मानसा धरने से एलान किया है कि जब तक सारे दोषियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक दलजीत का अंतिम संस्कार नहीं होगा। वे गांव के लापता व्यक्तियों और दलजीत के लापता पिता के बारे में पुलिस से जानकारी चाहते हैं।
उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद परविंदर सिंह झोटा और संगरूर के गांव तूर वनजारा के गुलजार के परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा सीआरपीएफ की एक्स कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। वहीं पंजाब विजिलेंस ने ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार, उनकी पत्नी और पिता के नाम पर दर्ज जमीन-जायदाद की जानकारी मांगी है। यह जानकारी जिला माल अफसर बठिंडा से एक पत्र भेजकर मांगी गई है। सूत्रों के अनुसार, मानसा विजिलेंस के डीएसपी कार्यालय ने 13 अक्तूबर 2026 को पत्र संख्या 1275 भेजा था। इसमें जिला बठिंडा में नरेश कुमार और उनके परिवार की संपत्ति का विवरण मांगा गया।
पत्र में शिकायत संख्या 95/2026 का भी जिक्र किया गया है। जिला माल अफसर कार्यालय ने इसके बाद जिले की सब तहसील रामपुरा समेत अन्य तहसीलों को पत्र लिखा। इन पत्रों में ड्रग इंस्पेक्टर और उनके परिजनों की संपत्ति का ब्योरा मांगा गया है। विजिलेंस का यह पत्र 13 अक्तूबर को ही लिखा गया था। इसी दिन मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार ने परविंदर झोटा की हत्या की थी। सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो ने जून 2026 में नरेश कुमार पर एक सोर्स रिपोर्ट तैयार की थी। यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई थी, जिसने अगस्त 2026 में जांच की मंजूरी दी। इसके बाद से मानसा विजिलेंस इस मामले की जांच कर रही है।
