चंडीगढ़: पंजाब में गैरकानूनी माइनिंग के खिलाफ राज्य सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। इस संबंध में मंत्री बरिन्दर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार बनने के तुरंत बाद ही अवैध माइनिंग को रोकने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया था। इस दौरान कई एफआईआर दर्ज की गईं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अवैध माइनिंग के मामलों में 1,845 FIR दर्ज
मंत्री बरिन्दर गोयल ने बताया कि सरकार ने गैरकानूनी माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक 1,845 एफआईआर दर्ज की हैं। इसके अलावा, 3,988 चालान किए गए हैं। इन मामलों में कुल 48 करोड़ 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 27 करोड़ 23 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। सरकार अवैध माइनिंग को रोकने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
साल 2026 में भी जारी है कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि साल 2026 में जुलाई तक अवैध माइनिंग के मामलों में 7 एफआईआर दर्ज की गईं और 192 चालान किए गए। इसके बाद जुलाई से अब तक 170 एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी भी दी गई। इन कार्रवाइयों के दौरान चालान के माध्यम से 8 करोड़ 67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि 2 करोड़ 8 लाख रुपये की वसूली की गई।
चन्नी के दौरे के बाद न्यू पंजाब स्टोन क्रेशर पर कार्रवाई
गैरकानूनी माइनिंग के मुद्दे पर मंत्री बरिन्दर गोयल ने चन्नी के दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि उसी रात न्यू पंजाब स्टोन क्रेशर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अवैध माइनिंग से जुड़े मामलों में सरकार की ओर से कार्रवाई की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
रात के समय चलने वाली साइटों पर भी नजर
मंत्री बरिन्दर गोयल ने बताया कि जिन माइनिंग साइटों पर रात के समय काम किया जाता था, उन पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसी जगहों पर अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन मामलों में एफआईआर दर्ज की गईं, उनमें संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। सरकार का कहना है कि पंजाब में गैरकानूनी माइनिंग पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
