जालंधर, ENS: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर संघर्ष अभी भी जारी है। परिवार 17 दिनों से इंसाफ की गुहार लगा रहा है। परिवार द्वारा अभी तक झोटे का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। सरकार की ओर से मानसा जिले की तीनों सब-डिवीजनों के डीएसपी बदल दिए गए हैं। उनकी जगह डीएसपी (डी) पुष्पिंदर सिंह गिल को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। अब तीन एसपी स्तर के अधिकारी भी अस्थायी तौर पर मानसा में तैनात किए गए हैं। वहीं गौंशाला सेवा के वाइस चेयरमैन कीमती भगत ने मुद्दे को लेकर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि मानसा में हुई घटना निंदनीय है।
इस संघर्ष में 2 व्यक्ति महामूर्ख बताते हुए कहाकि लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू पर जमकर भड़ास निकाली। वहीं परविंदर झोटा के परिवार से वीडियो के जरिए पूछा कि वह बताए कि अश्वनी कुमार द्वारा गोली चलाने के लिए ऐसे हालात क्यों बनें। उन्होंने कहा कि किसी का दिल नहीं करता किसी को गोली मारने का। अगर अश्वनी ने नशा बेचा तो सरकार को कार्रवाई करने के लिए झोटा कहे, लेकिन झोटे के पास कोई कानून नहीं कि वह किसी के गले में जूतियों का हार डालकर बाजार में घुमाए। उन्होंने कहा कि झोटा दोबारा उसी दुकानदार के पास चला गया और वह डर गया था। जिसके कारण उसने गोली चला दी।
उन्होंने कहाकि दोनों बदमाश किस्म के व्यक्ति है और दोनों ही समाजसेवी लोग नहीं है और पंजाब के हालात हर समय खराब करने की कोशिश में रहते है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जारी की गई स्कीमों से पंजाबियों का दिल जीता है। जिसे 70 साल की सरकारें भी नहीं कर सकी। इस दौरान खेतों में नहरी पानी, एजुकेशन, सेहत विभाग योजना, बीमा योजना, फ्री बिजली सहित अन्य काम बताए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहाकि विपक्ष विकास के नाम पर बात नहीं करता, लेकिन मान सरकार पर नशे को लेकर बात करके मामले को उलझा रहा है। कीमती भगत ने कहा कि अकेले पंजाब में ही नहीं बल्कि देश भर में नशा बिक रहा है। भाजपा के हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात में नशा बिक रहा है, वहां पर भाजपा नशे को खत्म नहीं कर रही।
वहीं केंद्रिय गृह मंत्री के पंजाब दौरे पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस के सीनियर नेता गगनेजा की मौत के बाद उनके परिवार से मुलाकात करने नहीं पहुंचे। 1984 में हुए दंगो में शहीद हुए परिवारों से मुलाकात करने नहीं पहुंचे, सिर्फ चुनावी वोट हासिल करने के लिए परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज अमित शाह नशे पर बात कर रहे है, लेकिन गुजरात में भारी मात्रा में नशा पकड़ा जा रहा है, उसे कौन खत्म करवाएंगा। पंजाब में बीएसएफ केंद्र के अधीन है और वह बताएं कि नशे को लेकर कितने तस्करों को ढेर किया है। इसकी रिपोर्ट केंद्र लें और पंजाब में चुनावों को लेकर माहौल खराब करने की कोशिश ना किए जाए। आज से 20 साल पहले आरएसएस के कई लोग मारे गए, लेकिन उनके परिवारों से मुलाकात करने नहीं पहुंचे।
