पटियालाः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में हुई फायरिंग की घटना, पंजाब के लंबित फंड्स, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और BBMB से जुड़े मुद्दों सहित कई राजनीतिक विषयों पर बयान दिया। मुख्यमंत्री ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दों पर आम आदमी पार्टी का विरोध करने तक सीमित हैं। मोगा में फायरिंग की घटना को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, उन्होंने पंजाब के डीजीपी को संदेश देकर मौके पर जाकर मामले की जांच-पड़ताल करने के निर्देश दिए।
पंजाब के फंड्स को लेकर BJP पर सवाल
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पंजाब के काफी फंड रोक रखे हैं। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा पंजाब को उसके बनते हक कब देगी और फिर किस आधार पर राज्य में आकर वोट मांगेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब को उसके अधिकार दिए जाने चाहिए।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और BBMB के मुद्दे उठाए
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) सहित उन मुद्दों पर भी अपनी बात रखी, जिनमें उनके अनुसार भाजपा की ओर से अपनी मर्जी चलाने की कोशिश की गई।
राहुल गांधी के दौरे पर बोले CM मान
राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि संगरूर आम आदमी पार्टी का गढ़ है। उन्होंने अमित शाह के संगरूर दौरे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान भाजपा की ओर से मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी का विरोध किया गया, जबकि दूसरी पार्टियों के खिलाफ वैसी बात नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी जब पंजाब आएंगे, तो उनके अनुसार वह भी अमित शाह की तरह आम आदमी पार्टी का विरोध करेंगे।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल भाजपा के खिलाफ खुलकर नहीं बोलते, जबकि भाजपा और अन्य राजनीतिक दल आम आदमी पार्टी को निशाना बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों का ध्यान पंजाब के वास्तविक मुद्दों के बजाय आम आदमी पार्टी का विरोध करने पर केंद्रित है।
परविंदर झोटा मामले पर परिवार का किया जिक्र
परविंदर सिंह झोटा के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार की ओर से रखी गई मांगें सरकार ने पूरी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि अब परिवार को तय करना है कि अंतिम संस्कार कब किया जाएगा।
अमित शाह और मजीठिया को लेकर उठाए सवाल
भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर मुख्यमंत्री ने अमित शाह और विक्रमजीत सिंह मजीठिया का जिक्र किया। उन्होंने नशा मुक्ति यात्रा और नशे के खिलाफ भाजपा के रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, तो मजीठिया के साथ मंच साझा करने और हाथ मिलाने को किस तरह देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए राजनीतिक दलों को अपने रुख और कार्रवाई में स्पष्टता दिखानी चाहिए।