मंडौरः देश भर में भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का जन्म दिवस आज अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर सेहत मंत्री डॉक्टर बलबीर सिंह ने समस्त संगत को हार्दिक बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी ने रामायण की रचना कर समाज को शिक्षा, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश दिया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि मंडौर गांव में ग्राउंड और तालाब का काम जल्द शुरू होगा। इसके अलावा एससी/एसटी कॉलोनियों में गलियों को पक्का करने और सीवरेज के कार्य भी शुरू करवाए जाएंगे।
उन्होंने गांव को मॉडल गांव बनाने और हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य भी साझा किया। बता दें कि भगवान महर्षि वाल्मीकि जी रामायण काल के ऋषियों में श्रेष्ठ माने जाते हैं और माता सीता ने लंका से लौटने के बाद उन्हीं के आश्रम में शरण ली थी। उसी आश्रम में प्रभु श्री राम और माता सीता की संतान लव-कुश का जन्म भी हुआ और उन्हें शिक्षा भी भगवान महर्षि वाल्मीकि जी ने ही प्रदान की। रामायण जैसे महाकाव्य की रचना करने वाले भगवान महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण के माध्यम से सत्य, धर्म, त्याग और कर्तव्य परायण होने का पाठ सिखाया।
भगवान महर्षि वाल्मीकि जी संस्कृत साहित्य के सबसे पहले कवि माने जाते हैं और उन्हें समकालीन ऋषि और महान कवि के रूप में पूजा जाता है। भगवान महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर रामायण का पाठ करना, धार्मिक प्रवचन सुनना, जरूरतमंदों की मदद करना अत्यंत फलदायी माना जाता है और इससे जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। इस प्रकार भगवानमहर्षि वाल्मीकि जी की जयंती अत्यंत शुभ दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन ज्ञान प्रदान करने वाले महान शिक्षक को याद करने का एक माध्यम भी है।