चंडीगढ़। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के तहत कार्यरत हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण समिति (HSACS) द्वारा राज्य में ‘केयर सपोर्ट सर्विसेज’ के क्रियान्वयन हेतु पंजीकृत गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और कम्युनिटी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन (CBOs) की भी सहायता ली जाएगी। यह पहल डोमेस्टिक बजट ग्रांट के तहत राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के अंतर्गत समुदाय आधारित हस्तक्षेप के रूप में शुरू की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों (PLHIV) को आउटरीच सेवाएं और उपचार निरंतरता सहायता प्रदान करना है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह योजना राज्य के दो प्रमुख क्लस्टरों में लागू की जाएगी, जिसमें फरीदाबाद क्लस्टर (फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, नूह, रेवाड़ी और पलवल जिले) तथा कुरुक्षेत्र क्लस्टर (कुरुक्षेत्र, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, कैथल और सोनीपत जिले) शामिल हैं। चयन के बाद संबंधित संस्थाओं को उपचार में व्यवधान वाले मरीजों की ट्रैकिंग, नए पाए गए मरीजों को पहले वायरल लोड टेस्ट तक ट्रैकिंग व आउटरीच सेवाएं, देय वायरल लोड परीक्षणों की ट्रैकिंग, उच्च वायरल लोड वाले मरीजों की काउंसलिंग, एचआईवी सकारात्मक गर्भवती महिलाओं व उनसे जन्मे शिशुओं की देखरेख तथा पात्र मरीजों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निष्पादन करना होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि उक्त कार्य के लिए एनजीओ/सीबीओ से आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। इच्छुक और पात्र संस्थाएं अपना आवेदन सभी आवश्यक स्व-सत्यापित दस्तावेजों (PDF प्रारूप) के साथ हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के रूप में ई-मेल haryanasacs@gmail.com तथा pd-aids.dhs@hry.gov.in पर 20 नवंबर 2026 की शाम 5:00 बजे तक जमा करा सकती हैं। आवेदन के लिए पात्रता मानदंड, दिशा-निर्देश और लेटर ऑफ इंटेंट का प्रारूप आधिकारिक वेबसाइटों haryanahealth.gov.in तथा haryanasacs.in पर उपलब्ध है।
