शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज जम्मू में जगद्गुरु महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी के पावन समागम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्पराएं सदियों से आत्मिक शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना का सशक्त स्रोत रही हैं। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उपस्थित थी।
राज्यपाल ने समागम को संबोधित करते हुए कहा कि संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की उपस्थिति एवं उनका मार्गदर्शन समाज को नई प्रेरणा प्रदान करता है। संत और आध्यात्मिक गुरू लोगों को करुणा, सेवा, सद्भाव, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे महान मूल्यों का स्मरण करवाते हैं।

गुप्ता ने कहा कि भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत में सदैव मानवता, सेवा और सामूहिक कल्याण को सर्वाेपरि स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और सभ्यता केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन्हें भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित रखें।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों, पारंपरिक ज्ञान और सभ्यतागत आदर्शों को संरक्षित कर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है, ताकि देश की विकास यात्रा अपने शाश्वत मूल्यों से प्रेरित और निर्देशित होती रहे।
सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है। साथ ही, यह समाज और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी का एक नया अध्याय भी है।
