चण्डीगढ: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चे समाज और प्रदेश की अमूल्य संपत्ति हैं। उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध करवाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। सरकार का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि उनकी क्षमताओं को विकसित कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जीने के योग्य बनाना भी है।
मंत्री शुक्रवार को रोहतक स्थित राज्य पुनर्वास प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (सिरतार) के नवीनीकृत बहुउद्देशीय हॉल के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि सिरतार संस्थान लंबे समय से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों एवं दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण, पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान द्वारा संचालित डी.एड. स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.डी.), बी.एड. स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.), एम.एड. स्पेशल एजुकेशन (आई.डी.), पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी तथा सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन कम्युनिटी बेस्ड इनक्लूसिव डेवलपमेंट जैसे पाठ्यक्रम विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा पूरी होने के बाद उनके भविष्य, रोजगार और जीवन यापन की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चों को भविष्य में भी उचित देखभाल, सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर मिलें। इस दिशा में सरकार और संस्थान मिलकर प्रभावी योजना तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी नही होनी चाहिए।
