चंडीगढ़: हरियाणा को डिजिटल रूप से सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य स्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी संचालन समिति (आईटी प्रिज्म) द्वारा लगभग 738 करोड़ रुपये की दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य की साइबर सुरक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण करना तथा डिजिटल शासन के बुनियादी ढांचे को अधिक सुरक्षित, सक्षम और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
इन परियोजनाओं में 269 करोड़ रुपये की हरियाणा डिजिटल कवच-सुरक्षा संचालन केंद्र परियोजना (एच-एसओसी) तथा 469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 (एचएसडीसी 2.0) परियोजना शामिल हैं। इनके माध्यम से सरकारी डेटा की सुरक्षा मजबूत करने, ऑनलाइन जनसेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने और राज्य के तेजी से बढ़ते डिजिटल तंत्र के लिए मजबूत तकनीकी आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन ने बताया कि हरियाणा डिजिटल कवच कार्यक्रम इस पहल का मुख्य हिस्सा है। इसका उद्देश्य सरकारी नेटवर्क, एप्लीकेशन, डेटाबेस और महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे को लगातार परिष्कृत हो रहे साइबर खतरों से सुरक्षित रखना है।
प्रस्तावित सुरक्षा संचालन केंद्र एक केंद्रीकृत साइबर सुरक्षा नियंत्रण एवं निगरानी सुविधा के रूप में कार्य करेगा। यहां चौबीसों घंटे साइबर खतरों पर निगरानी, उनकी समय रहते पहचान, जांच तथा साइबर घटनाओं से निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में 469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 परियोजना के अंतर्गत अगली पीढ़ी का डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसमें उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग प्रणाली, उन्नत डेटा भंडारण, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट आधारित कंप्यूटिंग के लिए तैयार प्रणालियां, आधुनिक नेटवर्किंग ढांचा और मजबूत साइबर सुरक्षा नियंत्रण शामिल होंगे।
