चंडीगढ़, 5 जून: पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ को जमीनी स्तर पर एक नई मजबूती मिली है। राज्यभर में विशेष रूप से तैनात किए गए जागरूकता ई-रिक्शे लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और समुदायों को इस लड़ाई में शामिल करने का काम कर रहे हैं।
सरकार द्वारा शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत पंजाब के 23 जिलों में से प्रत्येक जिले के एक विधानसभा क्षेत्र का चयन किया गया है। हर चयनित विधानसभा क्षेत्र में एक ई-रिक्शा तैनात किया गया है, जिसे 40 गांवों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है।
वर्तमान में यह पहल राज्य के 3,440 गांवों तक पहुंच चुकी है, जो पंजाब के कुल गांवों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
गांव-गांव पहुंच रहा नशा विरोधी संदेश
ई-रिक्शों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों, नशा मुक्ति सेवाओं और पुनर्वास सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही लोग गुप्त रूप से नशा तस्करों या नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों के बारे में जानकारी भी साझा कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि यह पहल उन इलाकों तक भी पहुंच बना रही है जहां पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों का प्रभाव सीमित रहता है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ रही है और नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों को मजबूती मिल रही है।
ग्राम रक्षा समितियां निभा रही अहम भूमिका
अभियान की निगरानी और फीडबैक के लिए गांव स्तर पर गठित विलेज डिफेंस कमेटियां (VDCs) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार ई-रिक्शों की तैनाती के बाद जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बढ़ी है।
स्थानीय बैठकों में अधिक लोग शामिल हो रहे हैं और नशे से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रशासन तथा नागरिकों के बीच संवाद भी बेहतर हुआ है।
जून में हो रही हैं समीक्षा बैठकें
अभियान की प्रगति का आकलन करने के लिए जून माह के दौरान विभिन्न स्तरों पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
पहले सप्ताह में विधानसभा स्तर की बैठकों में विधायक, एसडीएम, डीएसपी, एसएचओ, वीडीसी संयोजक और अन्य प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। दूसरे सप्ताह में ब्लॉक स्तर पर बैठकों के माध्यम से पुराने मामलों की समीक्षा और नई शिकायतों पर चर्चा की जाएगी।
तीसरे सप्ताह में मंत्रियों, सिविल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाएगी। महीने के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वयं अभियान की प्रगति का जायजा लेंगे और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
जनभागीदारी से मजबूत हो रही मुहिम
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा अभियान सरकार की नशा विरोधी मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल लोगों से जानकारी जुटाने में मदद कर रही है, बल्कि नशे के सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों पर समुदाय स्तर पर चर्चा को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने बताया कि गांवों में लोग इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं, जिससे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान एक जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
पंजाब सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों के भरोसे नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी, जागरूकता और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही बेहद जरूरी है। इसी दिशा में ई-रिक्शा पहल को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
