श्री चमकौर साहिबः वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद स्वर्ण सिंह भंगू प्रशासन और नगर पंचायत की लापरवाही के कारण के कारण हादसे का शिकार हो गए और उनका श्री चमकौर साहिब में निधन हो गया। स्वर्ण सिंह भंगू पंजाबी फिल्मों की वरिष्ठ अभिनेत्री गुरप्रीत कौर भंगू के पति थे। वहीं उनके निधन के बाद एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि वह रात के अंधेरे में साइकिल पर सवार होकर जा रहे थे। इस दौरान खुले नाले में वह जा गिरे और पूरी रात वहीं पड़े रहे। घटना के अगले दिन सुबह जब स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इस दर्दनाक घटना के बाद न केवल श्री चमकौर साहिब, बल्कि पूरे पंजाब और विदेशों में रहने वाले पंजाबियों में शोक की लहर दौड़ गई है। अभिनेत्री गुरप्रीत कौर भंगू के घर लोग शोक व्यक्त करने पहुंच रहे है। ऐसे में अभिनेत्री गुरप्रीत कौर भंगू ने कहाकि वह अक्सर साईकिल पर सवार होकर निकल जाते थे। इस दौरान रास्ते में खुले नाले में वह गिर गए। उन्होंने कहा कि वह अक्सर पुराना साईकिल की मजदूर को दे देते थे और नया साईकिल ले आते थे। इस बार वह मजदूर को साईकिल देने के लिए जब बात की तो उन्होंने कहा कि जल्द वह दोनों मिलकर किसी मजदूर को साईकिल देकर आएंगे, लेकिन उससे पहले यह हादसा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी पार्थिव देह पीजीआई चंडीगढ़ को दान करने का निर्णय लिया था।
पंजाबी फिल्म और संगीत जगत से जुड़ी हस्तियां अभिनेत्री गुरप्रीत कौर भंगू से दुख साझा करने पहुंच रही हैं। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। स्वर्ण सिंह भंगू पत्रकारिता के माध्यम से दबे-कुचले और पीड़ित लोगों की आवाज बने। उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में भी अमूल्य योगदान दिया। भंगू ने अनगिनत जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की, जिसके कारण उनके कई छात्र आज ऊंचे पदों पर हैं और उनके निधन से गहरे सदमे में हैं। उन्होंने नाटकों और सामाजिक सेमिनारों के जरिए लोगों को कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करने में भी अहम भूमिका निभाई। स्वर्ण सिंह भंगू ने अपने जीवनकाल में ही अपनी देह पीजीआई चंडीगढ़ को दान करने का निर्णय लिया था। इसी के तहत, 6 जून को अंतिम दर्शनों के बाद उनकी पार्थिव देह पीजीआई चंडीगढ़ प्रशासन को सौंप दी जाएगी।
