HomeGovernment Newsभगवंत मान सरकार का ई-रिक्शा अभियान 3,440 गांवों तक पहुंचा

भगवंत मान सरकार का ई-रिक्शा अभियान 3,440 गांवों तक पहुंचा

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

पंजाब में जमीनी स्तर पर ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ आंदोलन को मिली और मजबूती

चंडीगढ़ : पंजाब में भगवंत मान सरकार की नशा मुक्ति संबंधी प्रमुख पहल ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को गांव स्तर पर विशेष रूप से नियुक्त ई-रिक्शों के माध्यम से बड़ा बल मिल रहा है। ये ई-रिक्शे पंजाब के 86 विधानसभा क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे हैं और लोगों में नशा विरोधी जागरूकता पैदा करने के लिए एक पायलट परियोजना का हिस्सा हैं। इस अभियान के अंतर्गत पायलट परियोजना के लिए राज्य के 23 जिलों में से प्रत्येक जिले से एक विधानसभा क्षेत्र का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों में एक ई-रिक्शा, जो 40 गांवों को कवर करता है, संचालित किया गया है ताकि नशों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के साथ-साथ नशा तस्करों तथा नशा मुक्ति उपचार की आवश्यकता वाले लोगों के बारे में गोपनीय जानकारी प्राप्त की जा सके। अब तक यह ई-रिक्शा पहल पूरे राज्य के 3,440 गांवों तक पहुंच चुकी है, जो पंजाब के कुल गांवों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।

ई-रिक्शे उन लोगों तक भी नशा विरोधी जागरूकता का संदेश पहुंचा रहे हैं, जहां सामान्य रूप से पहुंचना आसान नहीं होता। ये ई-रिक्शे गांव-गांव जाकर नशों के हानिकारक प्रभावों तथा पुनर्वास के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। यह पहल भगवंत मान सरकार की नशों के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय लोगों को सहभागी बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। गांव स्तर पर गठित विलेज डिफेंस कमेटियां (वीडीसी) इस अभियान की प्रभावशीलता पर निगरानी रखने और सरकार को फीडबैक देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कई जिलों से प्राप्त फीडबैक के अनुसार ई-रिक्शों की तैनाती के बाद विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सदस्यों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। समिति सदस्यों के अनुसार जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों की भागीदारी बढ़ी है, गांव स्तर की बैठकों में अधिक लोग शामिल हो रहे हैं तथा नशों से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों और स्थानीय अधिकारियों के बीच संवाद बेहतर हुआ है।

जून माह की समीक्षा बैठकों का दौर जारी

इस फीडबैक पर जून माह के दौरान आयोजित की जा रही बैठकों में व्यापक चर्चा की जा रही है। निर्धारित समीक्षा प्रणाली के अनुसार जून के प्रथम सप्ताह में विधानसभा स्तर की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें संबंधित विधायक, एसडीएम, डीएसपी, एसएचओ, विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के संयोजक और कार्यकारी अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं। कार्यकारी अध्यक्षों और वीडीसी संयोजकों से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके बाद जून के दूसरे सप्ताह में वीडीसी बैठकों का आयोजन होगा, जिनमें ब्लॉक समन्वयक, वीडीसी संयोजक, वीडीसी कार्यकारी प्रधान और वीडीसी सदस्य भाग लेंगे। इन बैठकों में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा, नई शिकायतों का मूल्यांकन तथा गांव स्तर पर ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान की समग्र प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जून के तीसरे सप्ताह में मंत्रियों तथा सिविल एवं पुलिस प्रशासन की अगुवाई में बैठक आयोजित होगी, जिसमें दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और विधानसभा तथा ब्लॉक समन्वयकों से फीडबैक लिया जाएगा। अंतिम सप्ताह में माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान ‘युद्ध नशों  विरुद्ध’ अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे, लंबित शिकायतों की स्थिति का जायजा लेंगे तथा भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देंगे।

यह सुव्यवस्थित समीक्षा प्रक्रिया नशा विरोधी पहलों में मान सरकार की जवाबदेही और निरंतर निगरानी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये बैठकें वीडीसी संयोजकों, कार्यकारी प्रधानों , ब्लॉक समन्वयकों तथा प्रतिनिधियों से फीडबैक प्राप्त करने और अभियान के अंतर्गत की गई विभिन्न पहलों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “ई-रिक्शा अभियान मान सरकार की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। लोगों से सुरक्षित और गोपनीय तरीके से जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ ये ई-रिक्शे नशों के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों तथा उनसे मुक्ति के उपायों पर संवाद स्थापित करने में मदद कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इन मोबाइल इकाइयों के माध्यम से चलाए जा रहे आउटरीच कार्यक्रमों में गहरी रुचि दिखाई है, जिससे सरकार की ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ पहल एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।” भगवंत मान सरकार का मानना है कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल कार्रवाई के माध्यम से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। जागरूकता, जनभागीदारी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं हैं। इसी कारण ई-रिक्शा पहल को नशों के विरुद्ध लड़ाई में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।

- Advertisement -
- Advertisement -

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -