चंडीगढ़, 5 जून: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना राज्य के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 3.79 लाख मरीज इस योजना के तहत ₹654 करोड़ मूल्य का कैशलेस इलाज प्राप्त कर चुके हैं।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हर परिवार को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योजना को लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है और यह पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
47 लाख से अधिक हेल्थ कार्ड जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक योजना के तहत 47.27 लाख हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनसे 23.01 लाख परिवारों को कवर किया गया है।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों में 48.5 प्रतिशत पुरुष और 51.5 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं, लगभग 31 प्रतिशत हेल्थ कार्ड शहरी क्षेत्रों में और 69 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में जारी किए गए हैं।
भगवंत मान ने बताया कि योजना को और अधिक आसान और सुलभ बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। लोगों को हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए व्हाट्सएप आधारित सुविधा और एक विशेष वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिससे लाभार्थी आसानी से अपने ई-कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।
इसके अलावा, मोबाइल ऐप आधारित पंजीकरण प्रणाली पर भी काम चल रहा है, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा।
सरकारी और निजी अस्पतालों में मिल रहा मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक 3.79 लाख मरीजों को सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है, जिसकी कुल लागत ₹654 करोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए योजना के तहत 835 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें 223 सरकारी और 612 निजी अस्पताल शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इस व्यापक नेटवर्क के कारण लाभार्थियों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही इलाज की सुविधा मिल रही है और उन्हें इलाज पर होने वाले भारी खर्च से राहत मिली है।
65 लाख परिवारों को कवर करने का लक्ष्य
भगवंत मान ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को हर साल ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री ने योजना को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले इलाज के लिए अपनी जेब से भारी खर्च करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि यह योजना सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी परिवार गुणवत्तापूर्ण इलाज से वंचित न रहे।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
