शिमला, 6 जून: जिला शिमला पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाली कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया सामग्री के मामले में युधवीर सिंह बैंस को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को शुक्रवार, 6 जून 2026 को विधिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार थाना बालूगंज में एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि युधवीर सिंह बैंस ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा की थी। शिकायत में दावा किया गया कि वीडियो में विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने वाली सामग्री, एक विशेष समुदाय को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई थी कि इस सामग्री के प्रसार से कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है।
डिजिटल जांच में मिले प्रारंभिक साक्ष्य
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच और डिजिटल विश्लेषण के दौरान संबंधित सोशल मीडिया सामग्री का परीक्षण किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर अपने सोशल मीडिया मंचों पर नियमित रूप से इसी प्रकार की सामग्री साझा करता रहा है।
पुलिस के अनुसार उपलब्ध वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि सामग्री विभिन्न समुदायों के बीच तनाव और वैमनस्य पैदा करने की प्रवृत्ति रखती है।
उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस थाना वेस्ट, जिला शिमला में एफआईआर संख्या 108/2026 दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 353(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सहयोग न करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान आरोपी को विधिवत नोटिस जारी कर पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने जांच प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया, जिसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221 भी जोड़ी गई।
जिला पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर युधवीर सिंह बैंस को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी कुछ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें ऊना और शिमला के विभिन्न थानों में दर्ज मामले शामिल हैं।
जिला शिमला पुलिस ने कहा है कि सामाजिक सौहार्द, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले मामलों में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और किसी भी प्रकार की भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने से बचने की अपील की है।
