शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों और सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के सहयोग से विभिन्न चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि वाइल्डफ्लावर हॉल का मामला वर्ष 2003 से लंबित था और इस मामले में प्रदेश सरकार ने प्रभावी कानूनी पैरवी करते हुए जीत हासिल की। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार को 401 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धनराशि जनता की है और इसका उपयोग केवल जनता के हित में किया जाएगा। उन्होंने इसे राज्य सरकार की ईमानदार कार्यप्रणाली और स्पष्ट नीयत का प्रमाण बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में नशे की समस्या के रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सत्ता में आने के बाद चिट्टे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं तथा बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को चिट्टा मुक्त बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।
