ऊना : बाल विकास परियोजना ऊना के अंतर्गत बुधवार को सुरजेहड़ा आंगनबाड़ी केंद्र में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास के आकलन हेतु विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत झम्बर के प्रधान राजकुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा बच्चों और अभिभावकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नरेश शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर संचालित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के मानसिक विकास, सीखने की क्षमता, स्मरण शक्ति, पहचान क्षमता तथा व्यवहारिक प्रतिक्रियाओं का मूल्यांकन करना है। इसके तहत बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में शामिल कर उनकी समझ और विकास स्तर का सूक्ष्म अवलोकन किया गया।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अभिभावकों को भी गतिविधियों में शामिल किया गया, ताकि वे अपने बच्चों की क्षमताओं और विकास की स्थिति को बेहतर ढंग से समझ सकें। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की निर्देशों का पालन करने की योग्यता, एकाग्रता तथा सीखने की क्षमता का परीक्षण किया गया और आवश्यक जानकारियां दर्ज की गईं। नरेश शर्मा ने बताया कि एक माह बाद कार्यक्रम का दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों को दोबारा वही गतिविधियां करवाई जाएंगी। इससे उनके विकास में आए बदलाव और प्रगति का आकलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें समय रहते आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना है, ताकि उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य अतिथि प्रधान राजकुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों का प्रारंभिक मानसिक विकास उनके भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा और विकास संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर पंचायत उपप्रधान राजन शर्मा, बीडीसी सदस्य बलविंदर सिंह कुक्कू, एएलएमएससी सदस्य एवं सेवानिवृत्त शिक्षक कृष्णकांत शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता शर्मा, मीनू, संतोष, शुभलता, पूनम, विमला, नीलम, बबली तथा सहायिकाएं भजनी देवी, राम दुलारी, सुषमा, सुमन रानी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
