ऊना सुशील पंडित : उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के राइजिंग एंड एक्स्लरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैंप) कार्यक्रम के अंतर्गत बीडीओ कार्यालय अंब में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों एवं उद्यमियों को डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, जैम पोर्टल, क्लस्टर विकास एवं एडवोकेसी कार्यक्रमों के प्रति जागरूक कर उन्हें आधुनिक व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना रहा। कार्यशाला में कुल 85 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला की अध्यक्षता बीडीओ कार्यालय की ओर से आर्थिक अन्वेषक प्रदीप कुमार, गगरेट औद्योगिक संघ के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा तथा अंब औद्योगिक संघ के अध्यक्ष गौतम जी ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में छोटे उद्योगों एवं उद्यमियों के लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नए बाजारों की जानकारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स एवं डिजिटल माध्यमों को अपनाकर छोटे व्यवसाय अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकते हैं तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि युवा एवं महिलाएं इन योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता, बैंक ऋण एवं सब्सिडी का लाभ उठाकर नई विनिर्माण एवं सेवा इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी अभिलक्ष लौ ने प्रतिभागियों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों एवं स्टार्टअप्स के लिए एक प्रभावी मंच है, जिसके माध्यम से उद्यमी अपने उत्पादों को सरकारी खरीदारों तक पहुंचाकर देशव्यापी बाजार प्राप्त कर सकते हैं। मुख्य प्रशिक्षक प्रदीप कुमार ने आधुनिक उद्यमिता कौशल, ऑनलाइन व्यापार एवं डिजिटल भुगतान प्रणालियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटे उद्योग अपने कारोबार का विस्तार कर बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
वित्तीय प्रबंधन प्रबंधक श्रीमती मीनाक्षी ठाकुर एवं श्री अक्षय सिंह डोड ने माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं एवं उद्यमियों को समूह आधारित व्यापार मॉडल, साझा संसाधनों के उपयोग तथा सामान्य सुविधा केंद्र के माध्यम से व्यवसाय को बड़े स्तर तक विकसित करने के अवसरों के बारे में बताया। आर.आर. पटियाल ने एडवोकेसी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों एवं उद्यमियों को सरकारी नीतियों, योजनाओं तथा उद्योगों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सशक्त बनाना है। उन्होंने उद्योगों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने एवं बेहतर नीति सहयोग उपलब्ध करवाने में एडवोकेसी कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
