ऊना सुशील पंडित : जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), ऊना द्वारा आज डीआरडीए हॉल ऊना में एक दिवसीय फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट तथा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन निटकॉन लिमिटेड के माध्यम से किया गया, जिसमें ऊना एवं आसपास के क्षेत्रों से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डीआईसी के ईआई संजय कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वित्तीय सहायता के विभिन्न माध्यमों, सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं तथा विपणन अवसरों के बारे में जागरूक करना रहा। इसके माध्यम से महिलाओं को अपने स्वरोजगार एवं उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण प्रक्रिया, विभिन्न सब्सिडी एवं प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा योजनाओं, उद्यम पंजीकरण तथा डिजिटल माध्यमों से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी दी गई। फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। उनकी सक्रिय सहभागिता और सीखने की इच्छा ने यह दर्शाया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उपस्थित रहकर महिलाओं का मार्गदर्शन किया। इसमें पंजाब नेशनल बैंक के डिप्टी एलडीएम सुमित कुमार वर्धन, पीएनबी के वरिष्ठ प्रबंधक अंशुल जैन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की डीपीएम ज्योति, आरसेटी ऊना के निदेशक सुधीर शर्मा तथा डीआईसी के ईआई संजय कुमार ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। यह कार्यक्रम रैम्प परियोजना के घटक–7 ‘सामाजिक समावेशन’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय पहुंच को मजबूत बनाना, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना तथा उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने की दिशा में सहयोग प्रदान करना है।
कार्यक्रम स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए एक सार्थक मंच साबित हुआ, जहां उन्हें उद्यमिता, वित्तीय संसाधनों और बाजार संपर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं। इस पहल ने महिलाओं को अपने हुनर और प्रयासों को व्यवसायिक रूप देने तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
