ऊना/सुशील पंडितः आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू लगातार जहर उगल रहा है। वहीं तीर्थस्थल चिंतपूर्णी में खालिस्तान समर्थकों ने दो जगहों पर खालिस्तान के समर्थन में विवादित नारे लिखे हैं। सिख फॉर जस्टिस ने हिमाचल के ऊना जिले में माता चिंतपूर्णी मंदिर के आसपास ‘हिमाचल बनेगा खालिस्तान’ और ‘शहीद भिंडरावाले जिंदाबाद’ के नारे की एक कच्ची फुटेज जारी की है। सिख फॉर जस्टिस के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा कि यह मुख्यमंत्री सुक्खू के लिए एक संदेश है कि सिख यह नहीं भूले हैं कि चिंतपूर्णी वह क्षेत्र है जहां कांग्रेस के मुख्यमंत्री वीरभद्र के करीबी सहयोगियों के नेतृत्व में हिंदू दलों ने नवंबर 1984 में सिखों का नरसंहार किया था। वाशिंगटन डीसी पन्नू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि एक बार जब हमने खालिस्तान की स्थापना की तो हर कांग्रेस नेता इसमें शामिल हो जाएगा। 1984 की नरसंहार हिंसा को कानून के तहत जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

बता दें कि खालिस्तानी नारे एक जगह दो बंद दुकानों के शटर पर लिखे गए हैं। यह क्षेत्र जिला कांगड़ा के अधीन आता है, वहीं, इसी मार्ग पर कुछ दूर आगे जाके सड़क की दीवार पर भी इसी तरह के नारे लिखे गए हैं। नारे स्प्रे पेंट से लिखे गए प्रतीत होते हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं, जिला उपायुक्त, ऊना राघव शर्मा ने इस सारे मामले की गहनता से जांच करवाने की बात कही है। इन नारों के लिखने की जिम्मेवारी लेते हुए सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो के साथ संदेश भी जारी किया है।
पंजाबी भाषा में जारी इस वीडियो में कहा गया है-‘वाहे गुरूजी का खालसा, वाहे गुरू की फतह। आज पंजाब को आजाद करवाने वाले सिंहो ने हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के चिंतपूर्णी मंदिर के बाहर ‘भिंडरावाले जिंदाबाद’, ‘हिमाचल बनेगा खालीस्तान’ और ‘हिमाचल हिस्सा है खालीस्तान का’ के नारे लिख दिए हैं।’ वहीं, वांशिगटन डीसी, नवबंर, 2023 से पन्नू द्वारा जारी संदेश में लिखा गया है कि चिंतपूर्णी मंदिर के बाहर स्लोगन खालिस्तान समर्थकों ने लिखे हैं।
पन्नू द्वारा जो चिंतपूर्णी मंदिर के बाहर नारे लिखने का दावा किया गया है, जोकि सरासर झूठ है। चिंतपूर्णी मंदिर से तलवाड़ा बाइपास एक किलोमीटर से ज्यादा दूर है और रात के समय में यह क्षेत्र बेहद सुनसान होता है। मुख्य बाजार में ऐसा कोई नारा नहीं है। ऐसे में साफ है कि यह कायरना हरकत उस स्थान पर की गई है, जहां भी इन लोगों को कोई भी नहीं देख सकता था। हालांकि शंभू बाइपास व तलवाड़ा बाइपास के दोनों किनारों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
