चंडीगढ़ः पंजाब में स्कूल फीस को रेगुलेट करने वाले अध्यादेश को मंज़ूरी मिल गई है। सरकार के ऑर्डिनेंस को गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने मंजूरी दे दी है। यह जानकारी खुद पंजाब के सीएम भगवंत मान की तरफ से अपनी पोस्ट में दी गई है। इसके बाद, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के बच्चों और अभिभावकों के हित में लिए गए इस बड़े फ़ैसले को मंज़ूरी देने के लिए माननीय राज्यपाल का दिल से धन्यवाद करते हुए ट्वीट किया।

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाने के लिए हमारी सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश पर गवर्नर ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस अध्यादेश के लागू होने के बाद, कोई भी प्राइवेट स्कूल मनमाने ढंग से फीस में 5% से ज़्यादा की बढ़ोतरी नहीं कर पाएगा। हमारी सरकार शिक्षा को कारोबार नहीं बनने देगी और हम आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बता दें कि पिछले कुछ सालों में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। पेरेंट्स का आरोप था कि कई स्कूल हर साल मनमाने ढंग से फीस बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अब सरकार इस बहाने लोगों से सीधे जुड़ जाएगी। सरकार का कहना है कि पुराने नियमों की कमियों का फायदा उठाकर कई संस्थान जरूरत से ज्यादा फीस वसूल रहे थे। इसी को रोकने के लिए नया अध्यादेश लाया गया है।
नए नियमों के तहत कोई भी गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल एक साल में 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इससे पहले स्कूलों को 8% तक फीस बढ़ाने की अनुमति थी। लेकिन कई स्कूल ज्यादा फीस भी बढ़ा देते थे। जिसकी शिकायतें प्रशासन तक पहुंचती रहती है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी स्कूल की सालाना फीस 8,200 रुपए है, तो 5% बढ़ोतरी के बाद फीस में 410 रुपए का इजाफा होगा। ऐसे में अगले शैक्षणिक सत्र के लिए कुल फीस 8,610 रुपए हो जाएगी।

