गुरु नानक देव जी के ज्योति जोत दिवस पर सीमा पर हुआ अरदास समागम
गुरदासपुरः श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति जोत दिवस के अवसर पर सोमवार देर शाम डेरा बाबा नानक की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत और पाकिस्तान की संगत ने मिलकर श्री करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा खोलने के लिए अरदास की। पिछले कुछ समय से बंद पड़े करतारपुर कॉरिडोर को खोलने की मांग को लेकर दोनों देशों की नानक नाम लेवा संगत ने सीमा के दोनों ओर एक साथ अरदास की। संगत ने श्री गुरु नानक देव जी के चरणों में प्रार्थना करते हुए दोनों देशों के बीच रास्ता दोबारा खोलने की इच्छा जताई।
दर्शन स्थल पर पहुंचे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज
डेरा बाबा नानक की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बने दर्शन स्थल पर सोमवार शाम श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज सहित बड़ी संख्या में नानक नाम लेवा संगत पहुंची। इसी दर्शन स्थल से भारत में मौजूद श्रद्धालु दूरबीन के जरिए पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करते हैं।
जत्थेदार गड़गज और संगत ने करतारपुर कॉरिडोर को जल्द खोलने के लिए अरदास की। इस दौरान संगत ने श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र धरती के दर्शन के लिए रास्ता खुलने की कामना की।
पाकिस्तान की ओर भी हुई अरदास
भारत की सीमा पर अरदास के साथ-साथ पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में भी संगत ने श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति जोत दिवस के मौके पर अरदास की। इस तरह दोनों देशों की संगत ने सीमा के दोनों ओर से करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा खोलने के लिए प्रार्थना की।
2019 में शुरू हुआ था करतारपुर कॉरिडोर
पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद से ही नानक नाम लेवा संगत करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए अरदास करती रही है। उन्होंने कहा कि संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग और अरदासों के बाद श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर वर्ष 2019 में डेरा बाबा नानक की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर करतारपुर कॉरिडोर खोला गया था। इस कॉरिडोर के जरिए भारत से श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाते हैं।
कोरोना के दौरान बंद हुआ था रास्ता
जत्थेदार गड़गज ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान करतारपुर कॉरिडोर को बंद कर दिया गया था। बाद में दोनों देशों की ओर से इसे दोबारा खोल दिया गया था और श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने का अवसर मिलने लगा था। हालांकि, मई महीने में ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण करतारपुर कॉरिडोर को फिर से बंद कर दिया गया।
संगत करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए तरस रही
जत्थेदार गड़गज ने कहा कि कॉरिडोर बंद होने के कारण नानक नाम लेवा संगत श्री गुरु नानक देव जी से जुड़ी पवित्र धरती करतारपुर साहिब के दर्शन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं करतारपुर साहिब से जुड़ी हुई हैं और संगत लंबे समय से इस रास्ते के दोबारा खुलने की प्रतीक्षा कर रही है।
बिछड़े परिवारों को मिलाने में भी मददगार रहा कॉरिडोर
जत्थेदार गड़गज ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर केवल धार्मिक यात्रा का रास्ता नहीं है, बल्कि इसने भारत और पाकिस्तान के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम भी किया है। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के समय कई परिवार और भाई-बहन एक-दूसरे से बिछड़ गए थे। करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से ऐसे कई लोगों को वर्षों बाद अपने बिछड़े परिवारों और रिश्तेदारों से मिलने का मौका मिला।
सीमा पर लगाए गए बैरिकेड, संगत और पत्रकारों को रोका गया
अरदास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। बताया गया कि जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज के साथ उनके कुछ साथियों को ही अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास जाने की अनुमति दी गई। वहीं, मौके पर मौजूद पत्रकारों को बीएसएफ और पंजाब पुलिस के कर्मचारियों ने सीमा की ओर जाने से रोक दिया। इसके अलावा नानक नाम लेवा संगत को भी अरदास स्थल तक जाने से रोके जाने के कारण वहां मौजूद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली।
दर्शन स्थल से करीब 200 मीटर पहले बैरिकेडिंग
इस मौके पर बीएसएफ और पंजाब पुलिस की ओर से करतारपुर कॉरिडोर के दर्शन स्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के कारण संगत और पत्रकारों की आवाजाही सीमित रही। इसके बावजूद दोनों देशों की संगत ने करतारपुर कॉरिडोर को दोबारा खोलने की अरदास की।
संगत की एक ही मांग—खुले करतारपुर का रास्ता
भारत और पाकिस्तान की संगत की ओर से की गई इस अरदास के दौरान मुख्य मांग यही रही कि श्री करतारपुर साहिब का रास्ता जल्द दोबारा खोला जाए, ताकि नानक नाम लेवा संगत गुरु घर के दर्शन कर सके और दोनों देशों के लोगों के बीच धार्मिक तथा पारिवारिक संबंधों को आगे बढ़ने का अवसर मिले।