अमृतसरः जिले के “पवित्र शहर” के नियमों को लागू करने के मद्देनजर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए हॉल गेट के अंदर स्थित मछली मंडी और अनेक पान की दुकानों को सील कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि 12 गेटों के अंदर मांस, मछली, शराब और तंबाकू की बिक्री पर पहले ही बार-बार चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन दुकानदारों द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लेने पर अब यह कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान प्रभावित दुकानदारों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी गई।
पान की दुकान चलाने वाले राम संजीव ने कहा कि वह लगभग 35 साल से अपनी दुकान चला रहे थे और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके अनुसार अचानक कार्पोरेशन के अधिकारियों ने आकर उनकी दुकान हटा दी और अब 12 गेटों के अंदर कारोबार करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि यह फैसला ही लागू करना है तो पूरी शहर में समान रूप से लागू किया जाए। मछली मंडी के व्यापारी चंदन अहरोड़ा ने कहा कि वह पवित्र शहर के फैसले के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रशासन को पहले उनके लिए कोई बदलाव का स्थान प्रदान करना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि कई बार जिला कप्तान और कमीश्नर के साथ मीटिंगें हुईं और आश्वासन भी दिए गए, लेकिन वास्तव में कुछ नहीं किया गया। उनके अनुसार अचानक की गई इस कार्रवाई से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है क्योंकि मछली जैसी वस्तु जल्दी खराब हो जाती है। एक अन्य व्यापारी रजिंदर कुमार ने कहा कि मार्च महीने में नोटिस मिलने के बाद उन्होंने जवाब देकर प्रशासन के साथ सहयोग करने का फैसला किया था, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उनके अनुसार यह मंडी दशकों पुरानी है और हजारों लोगों का रोजगार इससे जुड़ा हुआ है। उन्होंने मांग की कि जब तक नई जगह नहीं दी जाती, उन्हें यहाँ ही कारोबार करने की अनुमति दी जाए। कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई हल नहीं निकला, तो वे एकत्र होकर प्रशासन और चुने हुए प्रतिनिधियों के पास जाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
