अमृतसरः भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर बन रही डॉक्यूमेंटरी के विरोध में डीआईजी बॉर्डर को मांग पत्र दिया। इस संबंध में प्रेस वार्ता के दौरान स्टेट सेक्रेटरी भाजपा यूथ विंग पंजाब कुलबीर सिंह उर्फ आशू अंबा ने बताया कि यह डॉक्यूमेंटरी समाज पर गलत प्रभाव डाल सकती है, इसलिए इसे तुरंत बैन किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि डीआईजी साहब से निजी कारणों से मुलाकात संभव नहीं हो सकी, इसलिए मांग पत्र ईमेल के जरिए भेजा गया। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस मामले की जानकारी दी गई है। नेताओं ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे आगे भी हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। वहीं दूसरी ओर इस मामले में अब पंजाब कांग्रेस आगे आई है।
कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने फिल्म के खिलाफ हाईकोर्ट में केस दायर करने की बात कही है। यह जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी है। उन्होंने लिखा है कि यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। वहीं भाजपा नेता कुलबीर सिंह आशू ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई एक प्रसिद्ध गैंगस्टर हैं और यदि उन पर फिल्म या वेब सीरीज़ बनती है तो कहीं न कहीं उन्हें हीरो के रूप में पेश किया जा सकता है। इससे पंजाब के युवा गलत राह पर चल सकते हैं और हथियारों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
उन्होंने चिंता जताई कि पंजाब पहले से ही गैंगवार, फिरौती और गोलाबारी जैसी घटनाओं से जूझ रहा है। उन्होंने और कहा कि हाल ही में जारी हुए टीज़र को देखकर ऐसा लगता है कि इस तरह की सामग्री युवाओं की सोच पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसलिए सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करते हुए इस डॉक्यूमेंटरी पर रोक लगानी चाहिए। आशू अंबा ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब की शांति-व्यवस्था सबसे पहले है और किसी भी भड़काऊ सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने से भी नहीं हटेंगे।
बता दें कि ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है। यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE-5 पर रिलीज की जाएगी और इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है।
