पालघरः महाराष्ट्र के पालघर में पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट हुआ है। जहां पटाखा यूनिट में धमाका होने से 2 लोगों की मौत हुई है और 4 लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार ये हादसा महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तहसील के कोणसई गांव में की पटाखा फैक्ट्री में हुआ। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान भावेश दिलीप वावरे (35) और मोनिका सचिन पाडवले (30) के रूप में हुई है। घायलों में मोनिका महेंद्र जाधव (30), जागृति जगदीश गावटे (27), प्रतिभा प्रताप पवार (30) और मोनिका मोहन वर्दी (25) शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि घटने के बाद रेस्क्यू शुरू कर दिया गया। जिसमें से कुछ को बाद में बेहतर इलाज के लिए भिवंडी उप-ज़िला अस्पताल और एक अन्य अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया।
अधिकारी ने बताया, “बचाव कार्यों की देखरेख के लिए दमकल विभाग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गए। धमाके के बाद लगी आग को दमकल कर्मियों ने तेज़ी से बुझा दिया।” जानकारी के अनुसार, जब फैक्ट्री में उत्पादन का काम चल रहा था, तभी अचानक पटाखों के बारूद में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना भयावह था कि मजदूर का शरीर कई हिस्सों में बिखरा और शव धमाके की तीव्रता के कारण लगभग 300 फीट दूर जा गिरा। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस औद्योगिक क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां होने के बावजूद यहां अग्निशमन दल की कोई व्यवस्था नहीं है। इस अभाव के कारण स्थानीय निवासियों और कामगारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नागरिक आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि यह धमाका दोपहर करीब 12 बजे वाडा तालुका के कोंसाई गांव में एक पुराने फ़ार्महाउस के टिन शेड में चल रही एक अस्थायी पटाखा बनाने वाली यूनिट में हुआ। उन्होंने बताया कि उस समय 35 मज़दूर, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं थीं, “ट्विन बम” (धागे से बंधे पटाखे) बनाने का काम कर रहे थे। वाडा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, “धमाका तब हुआ जब केमिकल मिलाने का काम चल रहा था। इसमें एक मज़दूर की मौके पर ही मौत हो गई और एक महिला 90 फ़ीसदी तक जल गई।” जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
