चंडीगढ़ः पंजाब विधानसभा के शून्यकाल में शुक्रवार को नशे, गैंगस्टरवाद और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के कथित असंसदीय व्यवहार को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खैरा के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव पेश करते हुए उन्हें विधानसभा के मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने की मांग की। जिसे स्वीकार कर लिया गया।
चीमा ने आरोप लगाया कि चेयर की बार-बार चेतावनी के बावजूद खैरा सदन के वेल में आए, चेयर के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कार्यवाही में बाधा डाली। उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग भी उठाई। वहीं मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है। वे विधानसभा में बस हंगामा करना चाहते हैं। पहले वे कहते हैं कि विधानसभा नहीं बुलाई जा रही है। जब विधासभा में बुलाया जाता है, तो वह इसका बहिष्कार कर देते हैं। सीएम मान ने कहा कि अभी चर्चा चल रही है और उन्हें इसमें हिस्सा लेना चाहिए। सवाल-जवाब होने चाहिए, लोकतंत्र इसी तरह काम करता है।”
नशीले पदार्थों के मुद्दे पर सीएम मान ने कहा कि सबसे बड़ा ड्रग कार्टेल उनके (बीजेपी के) कार्यकाल में फला-फूला है। सीएम मान ने कहा कि 2007 से 2017 तक जब अकाली दल-बीजेपी की सरकार सत्ता में थी, तब बड़े तस्करों ने इस मामले में कई वरिष्ठ मंत्रियों के नाम लिए थे। अब वे उन्हीं लोगों के साथ गठबंधन की बात कर रहे हैं। सीएम मान ने कहा कि गुजरात से ड्रग्स आ रहे हैं। भाजपा ने खुद माना है कि उन्होंने 20,000 करोड़ रुपये की कीमत के ड्रग्स जब्त किए हैं। तो, ये ड्रग्स कहां से आ रहे हैं और देश में कैसे दाखिल हो रहे हैं?
बता दें कि शून्यकाल में अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने पंजाब में नशे की समस्या पर अकाली-भाजपा और कांग्रेस का घेराव किया। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के समय नशे पर रोक लगाने में नाकामी रही और उस समय अकाली दल भी सरकार का हिस्सा था। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के 70 गांवों में खेल पार्क और मैदान बनवाने का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ना नशे से बचाव का एक रास्ता है।