टोंकः गश्त पर निकले पुलिस कॉन्स्टेबल का लहूलुहान हालत में शव मिलने का मामला सामने आया है। उसकी गर्दन, चेहरे और सीने पर चोट के निशान है। पास में ही उनकी बाइक भी पड़ी थी। सुबह ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना पर एसपी राजेश मीणा, एएसपी रतनलाल भार्गव और डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों को फोन करके मौके पर बुलाया। बेटे का शव देख पूर्व पार्षद पिता होश खो बैठे। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों का आरोप है कि बजरी माफिया ने उनके बेटे की हत्या की है। सुबह साढ़े 11 बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सआदत हॉस्पिटल ले जाया गया। परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर 2 घंटे तक शव को रखकर प्रदर्शन किया। इसके बाद एडिशनल एसपी रतन लाल भार्गव ने (पुलिस हेडक्वार्टर) से आए लेटर को पढ़कर सुनाया, जिसमें 1 करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी पर सहमति बनने की बात लिखी गई थी। तब परिजन शव उठाने पर राजी हुए। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव को परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी देते बनेठा थाना प्रभारी भागीरथ चौधरी ने बताया कि कॉन्स्टेबल भागचंद शनिवार रात करीब 12 बजे बाद गश्त पर बाइक लेकर गए थे। रविवार सुबह 8 बजे ग्रामीणों ने कॉल कर बताया कि पुलिसकर्मी का शव पड़ा है। उनके के सीने, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियार से चोट के निशान हैं। एसपी राजेश मीणा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा करेंगे।
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता भी मौके पर पहुंचे। मेहता ने कहा कि पूर्व पार्षद कालू सैनी ने फोन कर कहा कि उनके बेटे भागचंद सैनी का मर्डर हो गया है। वह स्तब्ध रह गया। अधिकारियों से बात हुई तो प्रथम दृष्टया बजरी माफियाओं का कनेक्शन इस मामले से जुड़ रहा है।
