नई दिल्लीः आज 4 मई को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों की गहमागहमी के बीच शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रहा है। जैसे ही सुबह बाजार खुला, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान पर ट्रेड करते नजर आए, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक चुनावी नतीजों को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 583.91 अंकों की बढ़त के साथ 77,497.41 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 208.20 अंकों की तेजी दिखाकर 24,205.75 पर कारोबार कर रहा है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के रुझान जैसे-जैसे साफ होंगे, बाजार की यह हलचल और तेज होने की उम्मीद है।
एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.4% चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 थोड़ा फिसल गया। जापान और चीन के बाजार ‘गोल्डन वीक’ की छुट्टियों के चलते बंद रहे। वहीं साउथ कोरिया का कोस्पी 3.8% और ताइवान का टाइएक्स 4.2% उछल गया। अमेरिकी बाजारों ने नया रिकॉर्ड बनाया, जिसका असर एशिया और भारत पर भी दिख रहा है। S&P 500 अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा, जबकि नैस्डैक और अन्य इंडेक्स में भी मजबूती रही। मिडिल ईस्ट में शांति वार्ता की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल की की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। अमेरिकी क्रूड करीब 101.74 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 108.19 डॉलर के आसपास है। हालांकि ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण आगे अनिश्चितता बनी हुई है।
अप्रैल 2026 में भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन पूरे महीने का प्रदर्शन मजबूत रहा। सेंसेक्स ने 5.17% और निफ्टी ने 5.81% का रिटर्न दिया, जो दिसंबर 2023 के बाद सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा। अप्रैल में सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त उछाल आया। स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 20% और मिडकैप इंडेक्स में लगभग 14% जोरदार तेजी देखने को मिली। वहीं, भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप अप्रैल में करीब 51 ट्रिलियन रुपये बढ़कर 463.3 ट्रिलियन रुपये पहुंच गया। यह अब तक की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी मानी जा रही है।
