नई दिल्ली: थलपति विजय ने तो तमिलनाडु में कमाल कर दिया है। नए नवेले राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कड़गम के नेता थलपति विजय ने सत्ताधारी डीएमके और AIADMK दोनों को पीछे छोड़ दिया है। अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन से विजय ने MGR और NTR की याद दिला दी है।
एग्जिट पोल में तमिलनाडु में त्रिशुंक विधानसभा की आशंका जताई गई थी और रुझनों में भी करीब वैसे ही संकेत मिल रहे हैं। बुरी खबर डीएमके और एमके स्टालिन के लिए है जिनके सारे चुनावी पैंतरे नाकाम साबित हुए हैं। वोटिंग के ठीक पहले डीएमके ने चुनाव कैंपेन की रणनीति दो बार बदली थी। पहले परिसीमन को चुनावी मुद्दा बनाकर और बाद में बिल के गिर जाने को एमके स्टालिन की जीत के तौर पर पेश करके।
ज्यादातर एग्जिट पोल में विजय की पार्टी टीवीके को किंगमेकर के रुप में तो पेश किया गया था लेकिन तीसरे पायदान पर रखा गया था। सिर्फ Axis My India के एग्जिट पोल में विजय को बहुमत या करीब या बहुत हासिल करके प्रोजेक्ट किया गया था।
क्या तमिलनाडु में सही होंगे एग्जिट पोल के नतीजे?
टीवीके नेता थलपति विजय को रुझानों में 100 से ज्यादा सीटें मिल गई है। हैरानी की बात यह भी है कि सत्ताधारी डीएमके सबसे पीछे चल रही है। यहां तक की मुख्यमंत्री एमके स्टालिन बई कोलाथुर विधानसभा सीट पर टीवीके उम्मीदवार वीएस बाबू से पीछे चल रहे हैं।
