खेल: भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता है। एशियन गेम्स के इतिहास में उनका यह पहला पदक है। वहीं गोल्ड मेडल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया की री सॉन्ग गुम ने जीता है। मीराबाई चानु के लिए यह उपलब्धि बहुत ही खास है ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में वो मेडल से चूक गी थी और चौथे स्थान पर रही थी। इस बार उन्होंने अपनी हार को जीत में बदलते हुए सिल्वर अपने नाम कर लिया है।
कर्णम मल्लेशवरी की बराबरी की
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— Saikhom Mirabai Chanu (@mirabai_chanu) September 23, 2026
इस पदक के साथ मीराबाई चानू ने भारत की वेटलिफ्टिंग की दिग्गज कर्णम मल्लेश्वरी की बराबरी कर ली है। बता दें कि कर्णम मल्लेशवरी के बाद वो दूसरी ऐसी भारतीय वेटलिफ्टर बन चुकी है जिन्होंने ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप जैसे बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट में पदक जीते हैं।
मीराबाई के करियर में ओलंपिक का सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर और कॉमनवेल्थ गेम्स में कई गोल्ड मेडल शामिल हो गए हैं। एशियन गेम्स का सिल्वर उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ चुकी है।
1998 के बाद वेटलिफ्टिंग में जीता पहला मेडल
टोक्यो ओलपिंक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चान ने 198 किलोग्राम वजन उठाया। इसमें उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया है। उन्होंने 1998 में कर्णम मल्लेशवरी के ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद भारत के लिए एशियन गेम्स में पहला वेटलिफ्टिंग मेडल जीता है।
चानू ने स्नैच में 83 किलोग्राम से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अगली दो कोशिशों में 85 किलोग्राम और 87 किलोग्राम वाला राउंड सफलतापूर्वक क्लियर कर लिया। इस कंपीटिशन का पहला हाफ तीसरे स्थान पर खत्म हुआ। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का बेस्ट लिफ्ट किया और एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया।