नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। दरअसल, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में कम से कम 6 सीटें अपने नाम कर ली हैं, जिन्हें लंबे समय से रिपब्लिकन का गढ़ माना जाता था।
इनमें टेक्सास और कंसास भी शामिल हैं। देश भर में रिपब्लिकन के कब्जे वाली सीटों पर डेमोक्रेट्स की जीत के साथ, पार्टी प्रतिनिधि सभा पर भी नियंत्रण हासिल करने की प्रबल स्थिति में है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट को 200, वहीं ट्रंप की रिपब्लिकन को 128 सीट मिली हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 218 है। भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद अमी बेरा ने कैलिफोर्निया के तीसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन रॉब टकर को हराकर अमेरिकी हाउस (प्रतिनिधि सभा) का चुनाव फिर से जीत लिया है। 61 वर्षीय बेरा ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपना 8वां कार्यकाल जीता है।
पेशे से डॉक्टर रहे राजनेता अमरीश बाबूलाल ‘अमी’ बेरा, अमेरिकी कांग्रेस में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारतीय-अमेरिकी हैं। उन्हें स्वास्थ्य सेवा और कूटनीति के मामलों में एक मजबूत आवाज़ माना जाता है। मिडटर्म चुनाव नतीजों पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी पोस्ट किया। अपनी डेमोक्रेट पार्टी की जीत पर उन्होंने लिखा, ‘आज रात, अमेरिकी जनता ने एक स्पष्ट संदेश दिया है। वे ऐसी राजनीति चाहते हैं जो लोगों को बांटने के बजाय उन्हें एक साथ लाए, और ऐसे नेता चाहते हैं जो उनके सामने मौजूद चुनौतियों का ठोस समाधान दे सकें।’
‘ये नतीजे इसलिए संभव हो पाए क्योंकि देश के हर हिस्से से बेहतरीन उम्मीदवार आगे आए। यहां तक कि उन इलाकों से भी, जहां जीत की उम्मीद बहुत कम मानी जाती थी। वे अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए थे और उनके राजनीतिक विचार भी अलग-अलग थे, लेकिन वे कुछ साझा मूल्यों, जनसेवा में विश्वास और अपने जिलों व राज्यों के लोगों को सबसे ऊपर रखने की प्रतिबद्धता से एकजुट थे।’
‘हम उन हजारों चुनाव अधिकारियों और दोनों पार्टियों के स्वयंसेवकों के भी आभारी हैं, जिन्होंने चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने में मदद की और हमारे लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक को बखूबी निभाया।’ ‘हालांकि इस प्रशासन का कार्यकाल अभी दो साल और बाकी है, लेकिन अब हमारा काम है कि हम पूरी लगन से जुट जाएं, जहां भी हमारे पास अधिकार है वहां बदलाव लाएं, और नुकसान को आगे बढ़ने से रोकें, ताकि भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखी जा सके।’
