जालंधर, ENS: पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस मुहिम चलाई गई है। ऐसे में विजिलेंस टीम द्वारा लगातार भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं आज तहसील कॉप्लेक्स में उस समय हड़कंप मच गया, जब पटवारी और उसके साथी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार पटवारी की पहचान विश्व के रूप में हुई है।
वहीं पटवारी के कर्मी ने कहाकि वह 202 नंबर कमरे में काम करता है। ऐसे में इंस्पेक्टर द्वारा उन्हें पैसों की मांग को लेकर काबू किया गया। हालांकि पटवारी के कर्मी ने पैसे लेने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। वहीं पटवारी से जब इस मामले को लेकर बात की गई तो पटवारी का कहना है कि उन्हें काबू किए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं विजिलेंस इंस्पेक्टर दोनों को काबू करके साथ ले गई।
हालांकि विजिलेंस द्वारा रिश्वत के पैसों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। बताया जा रहा हैकि पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने ट्रैप लगाया हुआ था। ऐसे में जब पीड़ित पटवारी के पास काम करवाने के लिए पैसे देने पहुंचा तो विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर 2 गवाहों की मौजूदगी पटवारी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पीड़ित ने कहाकि विश्वजीत और राकेश कुमार ने इंतकाल के बदले 3 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। ऐसे में उनके द्वारा विजिलेंस को शिकायत दी गई। जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने दोनों को रंगे हाथों काबू कर लिया।
