चंडीगढ़: राज्य के लाखों दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को दिवाली के त्योहार से पहले तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा आज “मेरी दुकान, मेरे नाम” योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना से नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अधीन 12 वर्षों से अधिक समय से किराए या लीज पर कानूनी रूप से दुकानें चला रहे दुकानदारों के लिए इन दुकानों का मालिक बनने का रास्ता साफ हो गया है।

पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस योजना की घोषणा करते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस योजना के तहत योग्य दुकानदार अपनी दुकानों के मालिकाना हक प्राप्त करने के योग्य हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2020 से पहले के 12 वर्षों के कानूनी कब्जे को साबित करने वाला कोई भी दुकानदार इस योजना के लिए आवेदन करने का पात्र होगा। इस पहल का लाभ नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अधीन काम कर रहे उन व्यापारियों को मिलेगा, जो बिना मालिकाना हक के किराए या लीज पर दुकानें चला रहे हैं।

स्थानीय निकाय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना में दो श्रेणियों को शामिल नहीं किया गया है। इस योजना के तहत सब-टेनेंटों को अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही पार्कों, गलियों या सार्वजनिक सुविधाओं वाली जगहों पर कब्जा करने वाले लोगों को मालिकाना हक दिए जाएंगे।
इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे व्यापारी भाइयों को उनका कानूनी मालिकाना हक मिले। यह योजना व्यापारी समुदाय के लिए दिवाली का तोहफा है। यह मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली सरकार की सोच और भावना का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जो छोटे दुकानदार के मान-सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
