लुधियानाः जिले से पुलिस के खिलाफ मां-बेटे का अनोखा प्रदर्शन करने का मामला सामने आया है। जहां सामने आई एक तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। एक महिला अपने बेटे के साथ सड़क पर हाथ में भीख मांगने वाला डिब्बा और पोस्टर लेकर बैठी नजर आई। लेकिन यह मां-बेटा वास्तव में भीख नहीं मांग रहे थे, बल्कि पुलिस के खिलाफ अपना विरोध जता रहे थे। उनके हाथ में मौजूद पोस्टर पर लिखा था हमें भीख दो, हमें पुलिस को रिश्वत देनी है।
मकान को लेकर शुरू हुआ विवाद
महिला का कहना है कि उसके पति की मौत के बाद उसके ससुर ने अपने मकान की वसीयत उसके पोते यानी महिला के बेटे के नाम कर दी थी। महिला के मुताबिक, कुछ समय बाद उसके ससुर की भी मौत हो गई। इसके बाद परिवार के कुछ रिश्तेदारों ने कथित तौर पर दस्तावेजों में हेरफेर कर उस मकान को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम बेच दिया। महिला का आरोप है कि जब उसे इस बारे में पता चला तो उसने इसका विरोध किया और मकान पर अपना हक जताया।
बेटे पर जानलेवा हमले का आरोप
महिला का आरोप है कि मकान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद उसके बेटे पर जानलेवा हमला किया गया। इस घटना के बाद उसने पुलिस से शिकायत की। महिला के मुताबिक, मामले की शिकायत थाना डिवीजन नंबर-7 के अधीन आने वाली पुलिस चौकी में दी गई थी।
एक महीने से कार्रवाई का इंतजार
महिला का कहना है कि शिकायत दिए हुए करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का आरोप है कि वह लगातार पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रही है, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिला।
पुलिस पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप
महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उससे कथित तौर पर खर्चा-पानी यानी पैसे की मांग की गई। इसी आरोप के विरोध में महिला और उसके बेटे ने अनोखा तरीका अपनाया। दोनों सड़क पर हाथ में डिब्बा लेकर बैठ गए और लोगों से भीख मांगने लगे। पोस्टर के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि अगर पुलिस को कार्रवाई के लिए पैसे देने पड़ते हैं, तो उनके पास वह पैसा नहीं है।
पुलिस कमिश्नर से लगाई इंसाफ की गुहार
महिला ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले में दखल देने और उसे इंसाफ दिलाने की मांग की है। उसकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और मकान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
