कप्तान हरमनप्रीत और मनप्रीत सिंह ने भी रचा इतिहास
जालंधर, ENS: भारतीय पुरुष हॉकी टीम को शनिवार को एशियन गेम्स के फाइनल में मलेशिया के खिलाफ 5-1 से जीत हासिल करके गोल्ड मेडल जीत लिया। ऐसे में भारत ने लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने करके इतिहास रच दिया है। वहीं हॉकी खिलाड़ी मनदीप सिंह और सुखजीत सिंह के घर जशन का माहौल बना हुआ है। लोग मनदीप के परिवार को मुंह मीठा करवाकर बधाई दे रहे हैं। मामले की जानकारी देते हुए मनदीप के पिता ने कहा कि बेटे ने कहा था कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह गोल्ड मेडल हासिल करके लौटेंगे। मंदीप को उम्मीद थी कि वह पाकिस्तान के खिलाफ 6-1 से जीत हासिल करेंगे, लेकिन उस मैच में भारतीय टीम को 4-1 से जीत हासिल की।
मनप्रीत ने जो रिकार्ड तोड़ा है, वह हमारे लिए गर्व की बात है। वर्ल्ड कप में जो खिलाड़ियों से चूक हुई थी उसे आज पूरा करके दिखाया है। मनदीप को उम्मीद थी गोल्ड मेडल जीतकर लौटेंगे और कहकर गया था कि वह गोल्ड पिता के गले मेें आकर डालेंगे। परिजनों में खुशी का माहौल बना हुआ है। वहीं सुखजीत के पिता ने कहा कि एशियंस गेम्स का जापान में टूर्नामेंट काफी दिनों से चल रहा था। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों ने मलेशिया को फाइनल मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल जीता। ऐसे में खिलाड़ियों ने पंजाब का नाम रोशन किया।
पिता ने कहाकि पंजाब के खिलाड़ी अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां पर गोल्डन टेंपल पर नतमस्तक होंगे। जिसके बाद जश्न के माहौल में वह घर वापसी करेंगे। वहीं माता ने कहा कि आज सुखजीत सिंह सहित सारी टीम ने बढ़ियां प्रदर्शन किया। मैच देखकर उन्हें काफी खुशी हुई। वहीं मैच खेलने से पहले सुखजीत सिंह से बात हुई थी और वह काफी खुश था। आज सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। दरअसल, भारत पहले लगातार दो बार गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई। ऐसे में 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई में पहुंच गई। दरअसल, भारत ने अब तक कभी भी लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक नहीं जीता था।
ऐसे में भारत ने मलेशिया को हराकर जहां इतिहास रच दिया। वहीं टीम के कप्तान हरमनप्रीत ने भी इतिहास रचा है। दरअसल, भारत गोल्ड मेडल जीतकर हरमनप्रीत लगातार दो एशियाई खेलों में पहले भारतीय कप्तान बन गए। वहीं मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी बन गए है। दरअसल, वह 2014 और 2023 में स्वर्ण जीत चुके हैं। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने गोल किए। ये दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर आए। यह पहला मौका है, जब एशियन गेम्स में भारत की महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है।
भारत की पुरुष टीम 5वीं बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही है। वहीं, महिला टीम दूसरी बार गोल्ड जीती है। पांचवें क्वार्टर के 54वें मिनट में शिलानंद ने फील्ड गोल कर भारत को 4-1 से आगे कर दिया। इसके बाद टीम के लिए पहला गोल करने वाले कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर टीम के लिए आखिरी गोल भी किया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने फाइनल मैच 5-1 से जीतकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
