जालंधर, ENS: बाबू जगजीवन राम चौक स्थित पटियाला शाही चिकन सूप पर बर्गर खाने को लेकर विवाद हो गया। जहां कथित पत्रकार द्वारा बर्गर में बाल निकलने के आरोप लगाए गए। इस मामले को लेकर कथित पत्रकार द्वारा वीडियो बनाई गई, लेकिन जब दुकानदार बब्बल द्वारा विरोध करने पर कथित पत्रकार की वीडियो बनाई गई तो वह मौके से चला गया। इस मामले को लेकर दुकानदार देर रात थाना बस्ती बावा खेल थाने में गया और पुलिस को घटना संबंधी शिकायत दी। दुकान के मालिक बब्बल ने आरोप लगाया कि उससे बर्गर लिया गया। इसके बाद युवक बर्गर लेकर बाहर साइड में चले गए।
थोड़ी देर बाद आए कि बर्गर में बाल है। दुकानदार ने कहा कि वह गुरसिख है। सिर पर पगड़ी है। दुकान में काम करने वालों के सिर पर कैप है, बाल जा ही नहीं सकता। दुकानदार ने कहा कि इस पर युवक बहस करने लगे और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि नौजवान द्वाार दुकानदार को ब्लैकमेल करने और सोशल मीडिया के जरिए उनकी छवि खराब करने की धमकी दी। बब्बल का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन कभी विवाद नहीं हुआ और ना ही खाने को लेकर कोई शिकायत आई है।
दूसरी ओर पत्रकार होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति, जिसकी पहचान गुरप्रीत सिंह गोपी के रूप में हुई है। पीड़ित दुकानदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उक्त व्यक्ति ने कैमरे देखते ही दुकान के अंदर से भागने की कोशिश की और बाद में बाहर जाकर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। दुकानदार का दावा है कि यह एक सोची-समझी साजिश है ताकि नामी दुकानों को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठे जा सकें।
उन्होंने अन्य दुकानदारों को भी ऐसे नकली पत्रकारों से सतर्क रहने की सलाह दी है जो फूड सैंपल भरवाने और लाइसेंस रद्द कराने की धमकियां देकर डराते हैं। ड्यूटी ऑफिसर नीला सिंह ने बताया कि नौजवान गुरप्रीत को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि अगर खाने की गुणवत्ता में कोई कमी थी, तो उसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग या फूड इंस्पेक्टर से की जानी चाहिए थी, न कि इस तरह से किसी दुकानदार को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित या ब्लैकमेल किया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
