जालंधर(Ens): एजेंट के चक्कर में आकर आबादपुरा में रहने वाली लड़की की ओमान में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वहीं युवती का शव जालंधर पहुंच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। मामले की जानकारी देते हुए ज्योति ने बताया कि 23 वर्षीय चचेरी बहन अंकिता को ट्रैवल एजेंट जसकरण सिंह के जरिए शारजहां का वीजा लगवाया था। परिजनों का आरोप है कि बहन को ट्रैवल एजेंट ने ओमान भेज दिया। जहां बहन को 7 महीने से टॉर्चर किया जा रहा था। बहन के साथ वहां पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी।
इस घटना में बहन की वहां पर मौत हो गई। ओमान से आज बहन का व जालंधर पहुंचा है। विदेश जाने से पहले बहन ने मौसी को कहा था कि वह उसको नया घर बना कर देगी, लेकिन किसी को क्या पता था उसका शव ही वहां से जालंधर पहुंचेगा। ज्योति ने लोगों से अपील की है कि ऐसे एजेंटों के पीछे कोई भी ना लगे। परिवार ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है जब तक एजेंट के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वह शव लेकर ऐसे ही बैठे रहेंगे।
परिवार ने कहा कि जब तक ट्रैवल एजेंट जसकरण, आशा और अली के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती तब तक बहन का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिवार ने कहा है वह नहीं चाहते कि एजेंटों के कारण किसी और लड़की का शव ऐसे डिब्बे में बंद होकर आए। परिवार ने अर्जेंट पर विदेश में लड़की को बेचने के आरोप लगाए हैं। परिवार ने कहा कि वह 10 दिन से बच्चों की मौत के कारण शोक में है। पिछले 10 दिनों से बच्ची का उन्होंने चेहरा नहीं देखा।
मृतक लड़की की माँ ने बताया कि सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर एजेंट जसकरण के संपर्क मे आये थे। जिसके बाद वह पुलिस लाइन अंबिका टावर स्थित ‘जे.आर. एंटरप्राइजेज’ में पहुंचे, जहां एजेंट ने शारजहां की जगह बच्ची का ओमान का वीजा लगा दिया। जसकरण ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अंकिता को ओमान में घरेलू काम के लिए भेजा जाएगा। जिसकी एवज में उसे 30,000 रुपये मिलेंगे। परिवार ने 71,000 रुपए और अंकिता का पासपोर्ट एजेंट को सौंप दिया। 2 अक्टूबर 2025 को अंकिता दिल्ली से ओमान रवाना हो गई थी।
अंकिता ओमान पहुंचकर अपनी माँ के संपर्क में थी। इस दौरान उसने फोन पर बताया कि ओमान में उसे टॉर्चर किया गया और शरीरिक शोषण का शिकार बनाया जा रहा है। जब परिवार ने एजेंट से बेटी को वापिस बुलाने को कहा तो वह झूठे दिलासे देता रहा। जिसके बाद 24 अप्रैल को परिवार को फोन आया कि अंकिता की मौत हो चुकी है। जिसका पता चलते ही एजेंट जसकरण दफ्तर बंद कर फरार हो गया।
भाजपा कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह मुल्तानी ने कहा कि अंकिता का श व आज ओमान से जालंधर पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि परिवार को इंसाफ दिलाया जाए। वही धोखाधड़ी करने वाले एजेंट के खिलाफ पुलिस द्वारा बनती कार्रवाई की जाए। गुरविंदर ने कहा कि उनके परिवार से बात हुई है जहां परिजनों का कहना है कि वह अंकिता का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे, जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता और एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।
