जालंधर, ENS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील किए जाने के बाद सराफा कारोबारियों के बाद टैक्सी स्टैंड और ट्रैवल एजेंटों के दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया। हालांकि पीएम मोदी और केंद्रिय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने अपनी सिक्योरिटी में कटौती कर दी है। टैक्सी स्टैंड के संचालक मनीष घई ने बताया कि पीएम मोदी ने एक साल तक टूरिस्ट को यात्रा ना करने की अपील की है और इलेक्ट्रानिक वाहनों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। पीएम मोदी के बयान के बाद से उनके कारोबार पर काफी असर पड़ा है। वह पिछले 40 सालों से व्यापार कर रहे है। उन्होंने कहा कि अब वह इलेक्ट्रानिक वाहन कहां से लेकर आए। वहीं विनोद शर्मा ने कहा कि वह 40 सालों से टैक्सी चलाने का कारोबार कर रहे है।
उनके कारोबार में पहले से मंदी की मार चल रही है। ऐसे में अब पीएम मोदी द्वारा जो पैट्रोल वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के बयान के बाद उनके कारोबार पर काफी ज्यादा असर देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि वह टैक्सी चलाने के अलावा कोई ओर कारोबार भी नहीं कर सकते है। विनोद ने कहा कि अगर कर्मी दफ्तरों में जाने की बजाय ऑनलाइन काम करना शुरू कर देंगे तो उनकी टैक्सी की बुकिंग पर इसका असर काफी होगा। ऐसे में उन्हें घर का पालन पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि टैक्सी स्टैंड पर सन्नाटा पसर गया है और कारोबार ठप्प हो गया है। दूसरी ओर ट्रैवल एजेंट की बात करें तो उनके कारोबार पर भी काफी असर देखने को मिला है।
मामले की जानकारी देते हुए एजेंट अरविंदर पाल सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने सीधे तौर पर डॉलर को कम खरीदने पर जोर दिया है। काफी साल पहले एक साल का 10 हजार हजार डॉलर खरीदा जाता था। ऐसे में अब दोबारा से डॉलर खरीदने की लिमिट तय की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा भारत में डॉलर आता है। पिछले साल के आकंडे की बात करें तो 137 बिलियन डॉलर की भारत की कमाई है। चौथे नंबर पर पाकिस्तान की कमाई आती है। उन्होंने कहा कि ट्रैवलिंग लोगों के जीने होने का सबूत है, लेकिन उसे अब अलग किया जा रहा है। एजेंट ने कहाकि पंजाब पूरे भारत का फूड बैंक है। ऐसे में देश के युवाओं को अगर यहां पर रोजगार दिया जाए तो उन्हें विदेश में नौकरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र द्वारा एक सप्ताह की चेतावनी दी गई थी। जिसके बाद कोरोना को लेकर रोक काफी लंबी चली थी। ऐसे में केंद्र की ओर से यह भी एक चेतावनी दी गई है। इसके अंत का अभी तक कुछ नहीं पता। पीएम मोदी के बयान के बाद ट्रैवल एजेंटों के दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया है।

