पंचकूला: परमपिता परमात्मा भगवान वाल्मीकि के पावन प्रकट दिवस के अवसर पर आज पंचकूला में विशाल शोभा यात्रा निकाली जा रही है। शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु ने बताया आज परमपिता परमात्मा भगवान वाल्मीकि जी के पावन प्रकट दिवस पर हम विशाल शोभा यात्रा निकाल रहे हैं। प्रभु भगवान वाल्मीकि जी ने जो रामायण की शिक्षा लव-कुश को दी थी, और उन्होंने उसकी पालना करते हुए रामायण का गायन किया था। आज देश में जो रामायण चल रही है, वो सभी भगवान वाल्मीकि जी की ही देन है। रामायण एक महाकाव्य है, जो हिंदू धर्म और सनातन धर्म के लिए बहुत बड़ी धरोहर है।”
शोभा यात्रा में जय वाल्मीकि, हर-हर वाल्मीकि के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। यात्रा में भगवा झंडे, बैंड-बाजे और ढोल की थाप पर श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि शोभा यात्रा में 100 से ज्यादा महिलाओं ने कलश उठा रखे हैं। गाड़ियों की भी लंबी कतार लगी है। पूरा पंचकूला शहर में ये शोभा यात्रा निकलेगी।
इस शोभा यात्रा की सबसे बड़ी खासियत छत्तीस बिरादरी का भाईचारा है। पंचकूला के आसपास के गांवों से और वार्ड नंबर 5 से सभी 36 बिरादरी के लोग इस यात्रा में शामिल हैं। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
