पंचकूलाः सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में दशहरा उत्सव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस बार यहां 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है, जो दशहरे के मौके पर लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगा। मैदान में विशाल पुतले को खड़ा करने का काम जारी है। इसके लिए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, ताकि दशहरे से पहले पुतले को पूरी तरह तैयार किया जा सके।
कारीगर पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे
शालीमार ग्राउंड में रावण के इतने बड़े पुतले को बनाने के लिए कारीगर लगातार काम कर रहे हैं। पुतले के निर्माण से लेकर उसे खड़ा करने तक हर काम सावधानी से किया जा रहा है। 221 फीट ऊंचे पुतले को सही तरीके से खड़ा करना आसान नहीं है। इसकी ऊंचाई को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि पुतला सुरक्षित तरीके से खड़ा किया जा सके।
पुतले को खड़ा करना बड़ी चुनौती
221 फीट ऊंचा रावण का पुतला अपने आप में बेहद विशाल है। इसे खड़ा करने के लिए खास व्यवस्था और सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है। पुतले के निर्माण में जुटे कारीगर इसे मजबूती से तैयार करने में लगे हुए हैं। पुतले को अंतिम रूप देने के साथ ही आयोजन से जुड़ी दूसरी तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं, ताकि दशहरे के दिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से आयोजित किया जा सके।
दशहरे पर उमड़ सकती है लोगों की भीड़शालीमार ग्राउंड में रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला शहरवासियों के लिए खास आकर्षण रहेगा। इसकी विशाल ऊंचाई के कारण लोगों में इसे करीब से देखने को लेकर उत्सुकता बनी रह सकती है। अब सभी की नजरें दशहरे के दिन होने वाले रावण दहन कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा
दशहरा भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई का अंत किया था। इसी घटना की याद में हर साल दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है।
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में तैयार हो रहा 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला इस बार के दशहरा उत्सव को खास बना रहा है। पुतले को तैयार करने और खड़ा करने का काम तेजी से चल रहा है। जैसे-जैसे दशहरे का दिन नजदीक आएगा, आयोजन को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ने की उम्मीद है। अब शहरवासियों को दशहरे के दिन रावण दहन का इंतजार है।
