सूरतः गुजरात के सूरत शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी ही मां और छोटे भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि परिवार में संपत्ति और उससे होने वाली कमाई को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले को सुलझाने के लिए परिवार के लोगों के बीच कई बार बैठकें भी हुई थीं, लेकिन विवाद का कोई हल नहीं निकल पाया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में आरोपी बेटे श्रीनिवास (40) को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
सूरत के लिंबायत इलाके में हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह करीब 7:30 बजे सूरत के लिंबायत इलाके की सहजानंद सोसाइटी में हुई। यहां श्रीनिवास ने कथित तौर पर अपनी मां और छोटे भाई पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी श्रीनिवास को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त कानन देसाई ने बताया कि मृतकों की पहचान मल्लेश्वरी गोडुरू और उनके सबसे छोटे बेटे राजू के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह परिवार मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल सूरत में रह रहा था।
तीन दुकानों के किराये को लेकर था विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार में संपत्ति के बंटवारे और तीन दुकानों से मिलने वाले किराये के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इन दुकानों से हर महीने करीब 60,000 रुपये किराया मिलता था।
बताया जा रहा है कि मल्लेश्वरी गोडुरू अपने छोटे बेटे राजू के साथ रहती थीं। दुकानों से मिलने वाला किराया भी वह राजू को ही दे देती थीं। इसी बात को लेकर उनके बड़े बेटे श्रीनिवास को नाराजगी थी। श्रीनिवास चाहता था कि परिवार की संपत्ति और उससे होने वाली कमाई को तीनों भाइयों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाए। वह चाहता था कि उसे, उसके छोटे भाई राजू और एक अन्य भाई रमेश को संपत्ति से बराबर का हिस्सा मिले।
मां के फैसले से नाराज था बड़ा बेटा
पुलिस के मुताबिक, संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार में पिछले करीब दो साल से विवाद चल रहा था। इस विवाद को खत्म करने के लिए कई बार परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के बीच बातचीत भी हुई थी। हालांकि, इसके बावजूद कोई सहमति नहीं बन पाई।
DCP कानन देसाई के अनुसार, मल्लेश्वरी ने फिलहाल संपत्ति का बंटवारा नहीं करने का फैसला लिया था। उन्होंने यह भी तय किया था कि दुकानों से मिलने वाला किराया उनके छोटे बेटे राजू को दिया जाएगा, क्योंकि वह उसी के साथ रहती थीं। मां के इस फैसले से श्रीनिवास खुश नहीं था। वह चाहता था कि संपत्ति और किराये की रकम का बंटवारा बराबर किया जाए। इसी बात को लेकर परिवार में तनाव बना हुआ था।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
DCP कानन देसाई ने बताया कि मां और छोटे भाई की हत्या के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी श्रीनिवास को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस संपत्ति के बंटवारे, दुकानों से मिलने वाले किराये और परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जा रही है।
