मक्खू, 25 फरवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को फिरोजपुर फीडर नहर के पुनर्निर्माण और रीलाइनिंग के पहले चरण का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे पंजाब की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और राज्य के जल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नहर मालवा क्षेत्र की जीवनरेखा है और इस परियोजना से फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

₹180 करोड़ की परियोजना से नहर की क्षमता में वृद्धि
₹180 करोड़ की लागत से पूर्ण किए गए पहले चरण के बाद नहर की जल वहन क्षमता 11,192 क्यूसेक से बढ़ाकर 13,873 क्यूसेक कर दी गई है, जिससे 2,681 क्यूसेक की वृद्धि हुई है।
- नहर की गहराई 18 फीट से 21 फीट की गई
- चौड़ाई 163 फीट से 180 फीट तक बढ़ाई गई
- 15 किलोमीटर रीलाइनिंग 35 दिनों में पूरी
- 126 सरकारी कर्मचारी और लगभग 4,000 श्रमिक तैनात
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया गया और दशकों से लंबित संरचनात्मक सुधारों को अब जमीन पर उतारा गया है।

सिंचाई कवरेज में बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री के अनुसार जब वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब केवल 21% कृषि भूमि तक नहर का पानी पहुंचता था। अब यह आंकड़ा बढ़कर 68% हो गया है और आगामी धान सीजन तक इसे 85% तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
- 6,900 किलोमीटर जल मार्ग पुनर्जीवित
- 18,349 वाटर कोर्स बहाल
- 1,365 गांवों को पहली बार नहरी पानी
- 6,45,200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा
सीमावर्ती क्षेत्रों को विशेष लाभ
हरिके हेडवर्क्स से निकलने वाली यह नहर 14 ब्लॉकों को लाभ पहुंचाती है, जिनमें गिद्दड़बाहा, मक्खू, ममदोट, बल्लूआना, जलालाबाद, गुरु हरसहाय, अरनीवाला, खुइयां सरवर, लंबी, मलोट, फाजिल्का, मुक्तसर और फिरोजपुर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीलाइनिंग के बाद सीमावर्ती गांवों तक पर्याप्त और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
₹6,500 करोड़ से नहर प्रणाली का पुनरोद्धार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने नहर प्रणाली को मजबूत करने के लिए अब तक लगभग ₹6,500 करोड़ खर्च किए हैं। सिरहिंद फीडर की रीलाइनिंग पहले ही की जा चुकी है और वर्तमान परियोजना से जल प्रवाह और स्थिर होगा।
उन्होंने कहा कि 1952 में निर्मित इस नहर की क्षमता में पिछले 74 वर्षों में वृद्धि नहीं की गई थी।
जल बंटवारे पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के हित सर्वोपरि हैं।
सीमावर्ती किसानों को राहत
उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगी बाड़ को आगे खिसकाने के लिए सिद्धांततः मंजूरी दी है, जिससे सीमा पार फंसी हजारों एकड़ भूमि पर खेती संभव हो सकेगी।
सरकार की अन्य प्रमुख पहलें
- 90% से अधिक घरों को मुफ्त बिजली
- किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति
- 881 आम आदमी क्लीनिक संचालित
- मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रति परिवार ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज
- 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान
मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “युद्ध नशों विरुद्ध” का भी उल्लेख किया और कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल, डॉ. बलजीत कौर और गुरमीत सिंह खुदियां भी उपस्थित थे।
